साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, निवेश ठगी करने वाले गिरोह के 4 आरोपी गिरफ्तार
छग
Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ऑनलाइन निवेश और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। रेंज साइबर पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में करीब 8 करोड़ रुपये के संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है, जबकि लगभग 1 करोड़ रुपये की राशि को दो बैंक खातों में होल्ड कराया गया है।
इस पूरे मामले की शुरुआत नर्मदा नगर निवासी एक महिला की शिकायत से हुई, जिसमें उसने आरोप लगाया कि उसे शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग किश्तों में 17.21 लाख रुपये की ठगी की गई। शिकायत दर्ज होने के बाद आईजी रामगोपाल गर्ग, एसएसपी रजनेश सिंह और साइबर नोडल अधिकारी गगन कुमार के निर्देश पर साइबर सेल ने जांच शुरू की। जांच के दौरान डिजिटल ट्रेल और बैंक खातों के विश्लेषण से पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में समस्तीपुर (बिहार) निवासी मुकेश कुमार दास, जो वर्तमान में रायपुर में रह रहा था, रायगढ़ निवासी केशव साव, सक्ती निवासी संदीप कुमार चंद्रा उर्फ विक्की और शिशिर राठौर शामिल हैं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी संदीप कुमार चंद्रा के खिलाफ गुजरात, तेलंगाना, कर्नाटक और दिल्ली में साइबर ठगी की पांच शिकायतें पहले से दर्ज हैं। विभिन्न राज्यों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था। मुख्य आरोपी मुकेश कुमार दास के बैंक खातों—इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक से जुड़े कई संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और बैंक रिकॉर्ड की जांच में इन खातों में लगभग 8 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन पाए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि यह राशि विभिन्न साइबर फ्रॉड मामलों से जुड़ी हो सकती है।
इसके अलावा, केशव साव के एक्सिस बैंक खाते में करीब 99 लाख रुपये और शिशिर राठौर के खाते में लगभग 1 लाख रुपये की राशि को होल्ड कराया गया है। पुलिस का कहना है कि यह रकम भी साइबर ठगी से जुड़ी हो सकती है और इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पूरा गिरोह लोगों को ऑनलाइन निवेश, शेयर ट्रेडिंग और कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर ठगी करता था। गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में फैले हुए थे और बैंक खातों के माध्यम से पैसे का लेनदेन करते थे। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के तार बिहार, रायपुर, रायगढ़ और सक्ती से जुड़े हुए हैं। अब पुलिस अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क की पहचान में जुटी हुई है। साथ ही, वित्तीय लेनदेन और बैंक खातों की गहन जांच जारी है ताकि पूरे ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।