Dhamtari. धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ओडिशा से मध्यप्रदेश गांजा सप्लाई करने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे कथित मुख्य सप्लायर कमलेश सरदार को बोराई थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पुलिस ने इसी मामले में दो अंतरराज्यीय तस्करी के आरोपियों को 11 किलो 33 ग्राम गांजा के साथ पकड़ा था। जांच के दौरान सामने आए सुरागों, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने
फरार आरोपी
तक पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

15 सितंबर को बस से पकड़ा गया था 11 किलो से अधिक गांजा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 15 सितंबर 2026 को थाना बोराई पुलिस द्वारा पुलिस बैरियर नाका बोराई में संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही थी। इसी दौरान ओडिशा के उमरकोट से धमतरी की ओर आ रही भवानी ट्रेवल्स की बस क्रमांक CG 04 EA 2476 को रोककर जांच की गई। बस में सवार दो यात्रियों की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उन्हें उनके बैग सहित नीचे उतारा और पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने अपनी पहचान निखिल वर्मा और मोहित गोदारा के रूप में बताई। दोनों मध्यप्रदेश के देवास जिले के रहने वाले थे। पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में दोनों के पिट्ठू बैग की तलाशी ली। इस दौरान बैग से खाकी टेप में लिपटे बंडल बरामद हुए। जांच में बंडलों के भीतर कुल 11 किलो 33 ग्राम गांजा पाया गया।

2.32 लाख रुपये की संपत्ति हुई थी जब्त
पुलिस के मुताबिक, जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 2 लाख 20 हजार रुपये आंकी गई थी। इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से दो रियलमी मोबाइल फोन और 2,350 रुपये नकद भी बरामद किए गए थे। इस प्रकार गांजा, मोबाइल फोन और नकदी सहित कुल 2 लाख 32 हजार 350 रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस ने गांजे की खरीद और आपूर्ति से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान के लिए विवेचना जारी रखी।

पूछताछ में सामने आया कमलेश सरदार का नाम
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के मेमोरेंडम कथनों से जानकारी मिली कि वे गांजा ओडिशा के उमरकोट निवासी कमलेश सरदार से खरीदकर मध्यप्रदेश ले जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने कमलेश सरदार की तलाश शुरू की। वह इस मामले में पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। बोराई थाना पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए मुखबिर तंत्र और तकनीकी जांच का सहारा लिया। लगातार पतासाजी के दौरान पुलिस को आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना मिली। इसके आधार पर टीम ने घेराबंदी कर कमलेश सरदार को गिरफ्तार कर लिया।

मुख्य सप्लायर कमलेश सरदार गिरफ्तार, भेजा गया जेल
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का नाम कमलेश सरदार (46 वर्ष) है। वह कार्तिक सरदार का पुत्र है और ओडिशा के नवरंगपुर जिले के उमरकोट थाना क्षेत्र अंतर्गत UV-09, बुजरा पुजारीगुड़ा का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने नियमानुसार आरोपी के परिजनों को इसकी सूचना दी। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में गांजे की खरीद-बिक्री और आपूर्ति से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज है मामला
इस प्रकरण में थाना बोराई में अपराध क्रमांक 16/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए केवल गांजा बरामद करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके स्रोत और आपूर्ति नेटवर्क की पहचान करना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से पुलिस मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है, ताकि अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई जा सके।

नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी
धमतरी पुलिस के अनुसार, जिले में गांजा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में वाहनों की जांच के साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। बोराई गांजा तस्करी प्रकरण में कथित मुख्य सप्लायर की गिरफ्तारी को पुलिस महत्वपूर्ण कार्रवाई मान रही है। मामले में आगे की विवेचना जारी है और आरोपों का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
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