Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के डी.डी. नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत महादेव घाट इलाके में एक माह पूर्व हुई दो कारों में आगजनी की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, घटना के दिन प्रार्थी ने अपनी दो कारें महादेव घाट स्थित अपने घर के पास खड़ी की थीं। रात के समय अज्ञात व्यक्तियों ने पेट्रोल डालकर दोनों कारों में आग लगा दी और मौके से मोटरसाइकिल के जरिए फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना डी.डी. नगर में तत्काल मामला दर्ज किया गया और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई।
मामले की जांच के लिए पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) के निर्देशन में और पुलिस उपायुक्त (क्राइम) के सहयोग से विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में साइबर सेल और थाना डी.डी. नगर की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम ने भिलाई क्षेत्र में लगातार दो दिनों तक डेरा डालकर दबिश दी। इसके बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुकेश कुमार सिंह उर्फ पंचर (30 वर्ष), इमरान खान (25 वर्ष) और लिमेश उर्फ निम्बु ठाकुर (25 वर्ष) के रूप में हुई है। इनमें से लिमेश को मुख्य रूप से आगजनी की घटना को अंजाम देने वाला बताया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह पूरी वारदात सुनियोजित थी और मुख्य साजिशकर्ता राहुल वर्मा के निर्देश पर अंजाम दी गई थी। आरोपी दुर्ग से रायपुर आए थे और घटना को अंजाम देने के लिए मास्क और ग्लव्स का इस्तेमाल किया। वे पैशन प्रो मोटरसाइकिल से घटनास्थल पहुंचे और जीपीएस लोकेशन के जरिए प्रार्थी के घर के पास खड़ी कारों की पहचान की।
इसके बाद लिमेश उर्फ निम्बु ठाकुर ने पेट्रोल डालकर दोनों कारों में आग लगा दी, जबकि अन्य आरोपी पास में खड़ी सफेद रंग की स्विफ्ट कार से सहयोग कर रहे थे। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी वापस दुर्ग लौट गए। पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं इस मामले में अन्य फरार आरोपी राहुल वर्मा और उसके सहयोगियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस कार्रवाई में थाना डी.डी. नगर और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी जांच और सतत निगरानी के चलते आरोपियों तक पहुंचना संभव हो सका। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।