जनता से रिश्ता की खबर का असर, हमारी खबर सच निकली
हमने लगातार 2 साल से छत्तीसगढ़ के हवाला कारोबार का खुलासा किया था
छत्तीसगढ़ पुलिस ने हमारी खबर को संज्ञान में लेते हुए की है कई बड़ी कार्रवाई
रायपुर के कारोबारी का हो सकता है ये हवाला कारोबार
बोलेरो पिकअप के सीक्रेट चेंबर में छिपाकर नागपुर ले जा रहे थे रकम
दुर्ग पुलिस की मुस्तैदी से पकड़ा गया हवाला कारोबार
AM-PM के हवाले का पैसा, इस तरह की 15 गाड़ियां चलती प्रति हफ्ते
राजकोट से सम्बंधित है रायपुर का हवाला कारोबारी
रायपुर से हर सप्ताह 8 से 9 करोड़ के हवाले का होता हेर-फेर
Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बोलेरो पिकअप वाहन के गुप्त चेंबर से करीब 4 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। इतनी बड़ी रकम मिलने से हड़कंप मच गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह रकम राजधानी रायपुर से नागपुर ले जाई जा रही थी। सूत्रों के मुताबिक, नकदी का संबंध रायपुर निवासी एक गुजराती कारोबारी से होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, रकम को नागपुर के रास्ते मुंबई पहुंचाने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने आयकर विभाग को भी इसकी जानकारी दी है।
रात 11 बजे पुलिस को मिली सूचना, जांच में पकड़ी गई पिकअप
जानकारी के मुताबिक, 26 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे खुर्सीपार थाना पुलिस को एक वाहन में बड़ी मात्रा में नकदी ले जाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने डबरापारा क्षेत्र में वाहन जांच शुरू की। इसी दौरान रायपुर की ओर से आ रही सफेद रंग की बोलेरो मैक्स पिकअप क्रमांक CG 04 QU 5996 को रोका गया। वाहन नागपुर की ओर जा रहा था। पुलिस ने जब वाहन की जांच की, तो उसके पिछले हिस्से की बनावट संदिग्ध दिखाई दी। इसके बाद पुलिस टीम ने वाहन की बारीकी से तलाशी ली। जांच के दौरान वाहन में विशेष रूप से तैयार किया गया एक गुप्त चेंबर मिला, जिसे बाहर से आसानी से पहचाना नहीं जा सकता था।
गुप्त चेंबर खोलते ही पुलिस रह गई हैरान
पुलिस के अनुसार, बोलेरो पिकअप के पिछले हिस्से में बदलाव कर एक सीक्रेट चेंबर बनाया गया था। इसे इस तरह बंद किया गया था कि बाहर से देखने पर अंदर रखी सामग्री का पता न चल सके। जब पुलिस ने चेंबर खोला, तो उसमें बड़ी मात्रा में नकदी रखी हुई मिली। रकम की गिनती करने पर करीब 4 करोड़ रुपये नकद पाए गए। इतनी बड़ी राशि को गुप्त तरीके से ले जाने के कारण पुलिस ने नकदी के स्रोत, उसके मालिक और परिवहन के उद्देश्य को लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वाहन में गुप्त चेंबर कब और किसके निर्देश पर तैयार किया गया था।
रायपुर के भनपुरी से लोड हुई थी रकम
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नकदी रायपुर के भनपुरी क्षेत्र स्थित जीडी ट्रांसपोर्ट से वाहन में लोड की गई थी। इसके बाद इसे नागपुर ले जाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि यह रकम किसी ट्रांसपोर्ट कारोबारी से संबंधित हो सकती है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि नकदी का वास्तविक मालिक कौन है और इतनी बड़ी रकम किस उद्देश्य से दूसरे राज्य में भेजी जा रही थी। सूत्रों का दावा है कि इस मामले के तार रायपुर के एक गुजराती कारोबारी से जुड़े हो सकते हैं। इसके अलावा रकम को नागपुर के रास्ते मुंबई तक पहुंचाए जाने की भी आशंका जताई जा रही है। फिलहाल इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस ने किसी कारोबारी की संलिप्तता या हवाला नेटवर्क से संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
वाहन चालक सहित दो लोग हिरासत में
पुलिस ने बोलेरो पिकअप में सवार दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। उनकी पहचान भवेशभाई जीनाभाई डाभी और विष्णुदेव दुबे के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, भवेशभाई जीनाभाई डाभी वाहन चला रहा था। दोनों व्यक्तियों से नकदी के संबंध में पूछताछ की जा रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रकम किसने दी थी, इसे नागपुर में किस व्यक्ति तक पहुंचाना था और नकदी के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध हैं या नहीं। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों व्यक्तियों की भूमिका केवल रकम पहुंचाने तक सीमित थी या वे नकदी के वास्तविक स्रोत और उसके इस्तेमाल के बारे में भी जानकारी रखते हैं।
हवाला कारोबार से जुड़े होने की आशंका, आयकर विभाग को सूचना
बड़ी मात्रा में नकदी को गुप्त चेंबर में छिपाकर ले जाने के कारण मामले में हवाला कारोबार से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, केवल नकदी बरामद होने से इसे हवाला का पैसा नहीं माना जा सकता। इसके लिए रकम के स्रोत, लेनदेन के दस्तावेज और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच जरूरी है। पुलिस ने मामले की जानकारी आयकर विभाग को पत्र के माध्यम से भेज दी है। अब आयकर विभाग रकम के स्रोत, उसके स्वामित्व और संबंधित वित्तीय दस्तावेजों की जांच करेगा।
करोड़ों की रकम किसकी, जांच में सामने आएगा सच
दुर्ग पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि करीब 4 करोड़ रुपये की यह नकदी किसकी है और इसे गुप्त तरीके से नागपुर क्यों ले जाया जा रहा था। जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि क्या रकम वास्तव में मुंबई तक पहुंचाई जानी थी या नागपुर ही इसका अंतिम गंतव्य था। पुलिस और आयकर विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला अवैध वित्तीय लेनदेन, हवाला कारोबार या किसी अन्य गतिविधि से संबंधित है। फिलहाल दोनों व्यक्तियों से पूछताछ जारी है और बरामद नकदी से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।