चलो इक बार फिर से अध्यक्ष बना जाए

Update: 2026-01-09 06:02 GMT

ज़ाकिर घुरसेना/कैलाश यादव

रायपुर प्रेस क्लब का चुनाव अब पूरे शबाब पर पहुंच चुका है। पत्रकारों की हितों के नाम अध्यक्ष बनने वाले अभी हाल के अध्यक्षों ने पत्रकारों का तो कोई हित नहीं किया अपितु अलग-अलग खेमे बनाकर सरकारी भू-खंड लेकर गोपनीय तरीके से अपने हितों को ही साधा है। पिछले 10 वर्षो से जो चुनाव में देखने को मिला है उसमें किसी ने भी समयावधि में चुनाव कराने की इच्छा शक्ति नही दिखाई, बस वहीं चिपके रहने की साम-दाम-दंड-भेद की रणनीति अपनाकर चुनाव की गरिमा को तहस-नहस कर अपने वर्चस्व की महिमा बखान का अड्डा बनाए रखा है। पत्रकारों में खुसुर-फुसुर है कि एैसा कौन सा गोंद लगा है कि अध्यक्ष की कुर्सी में जो समयावधि खत्म होने के बाद पद छोड़ने के बजाय चिपके रहने की रणनीति पर काम करने मजबूर है। पत्रकारों के देर रात चुनाव सत्र की परिचर्चा में कई वरिष्ट पत्रकारों ने अपने विचार रखते हुए कहा कि पिछले 10 सालों में कई अध्यक्ष बने औऱ कई चिपके रहे जिसमें जो बात सामने आई है कि इस कुर्सी पर एैसा यंत्र लगा है जो बिना कही काम किए घर परिवार का बोझ उठाने के साथ शाम को गम गलत करने का इंतजाम हर रोज कर सकते है। ऊपर से मंत्रियों और सरकारी विभाग से मिलने वाले अनुदानों का बंदरबाट बड़ी खूबसूरती से कर सकते हैं । जबकि प्रदेश के दूसरे जिलों में पत्रकारों ने क्लब के माध्यम से सरकार से आवासीय जमीन आवंटित करवा कर पत्रकार कालोंनी बनवा सैकड़ों परिवार को छत मुहैय्या कराया है. जो रायपुर प्रेसक्लब के पदाधिकारियों के लिए गहन विचार का विषय बन गया है। जिसे भी अध्यक्ष की कुर्सी मिली उसने अपनी राजनीतिक रोटी सेंकी। बस सभी लोग यही गाना गा रहे है चलो इक बार फिर से अध्यक्ष बना जाए।

नाश्ता पहुंचाने वाले होटल पर गिरी निगम की गाज

प्रेसक्लब के चुनाव की घोषणा के साथ ही कमीशन पर नास्ता सप्लाई का आर्डर लेने वाले नैवेद्य और गुजराती मिष्ठान भंडार पर निगम ने कार्रवाई की है. स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणिग्रही के जन शिकायत पर सफाई व्यवस्था की पड़ताल में नैवेद्य द्वारा नालियों में कचरा डाले जाने से नालियां जाम होने की जनशिकायत सही पाई गई। स्वास्थ्य अधिकारी ने तत्काल 10 हजार रुपए का जुर्माना करते हुए भविष्य में सुधरने और बिना कमीशन नास्ता सप्लाई के है. निर्देश दिए। .जनता में खुसुर-फुसुर है कि ये तो नाली में कचरा डालने के नाम पर जुर्माना तो बहाना है असल में एक औऱ कमीशन के हकदार को कमीशन से वंचित करने के कारण शिकायत करवा कर नाश्ता बंद कराना था। प्रेसक्लब में नाश्ता सप्लाई में कमीशन खोरी में कई हिस्सेदार है। जो प्रेसक्लब में नाश्ता के बदले अपने घर पर होने वाले कार्यक्रम में भी नास्ता सप्लाई करवा कर नाश्ता का भुगतान में भी गड़बड़ी कर रहे हैं। इस कारण मामला विवाद में पड़ने के काऱण किसी सिरफिरे पत्रकार ये सब नागवार गुजरा उन्होंने अपनी ताकत दिखा दिया। इस बात पर किसी ने ठीक ही कहा है कि एक आंसू भी हुकूमत के लिए खतरा है, तुम ने देखा नहीं आँखों का समुन्दर होना।

इसे राम रोटी का नाम दिया जाना चाहिए

सभी लोग इस समय गांधी वादी नजर आ रहे है। खासकर छत्तीसगढ़ में हे राम को लेकर दोनों प्रमुख दलों में घमासान मचा हुआ है। मामला है देशभर में मनरेगा योजना के नाम बदले जाने को लेकर चल रहे विवाद पर छत्तीसगढ़ के उद्योग, आबकारी एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार और भारतीय जनता पार्टी ने महात्मा गांधी का अपमान नहीं किया है, बल्कि उनके सम्मान में ही यह फैसला लिया गया है।

उधऱ कांग्रेसी मनरेगा के नाम बदलने के विरोध में दिल्ली से लेकर पूरे देश में आंदोलन चलाने का एलान कर चुकी है। जनता में खुसुर-फुसुर है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने खुद नेताओ्ं के ख्वाब में आकर कहा कि भाइयों अब अंतिम समय में मेरा नाम लेने के बजाय कोई औऱ उपयुक्त नाम ले सकते है। अंतिम समय में मुख से “हे राम” शब्द अब राजनीतिक पेटेंट की श्रेणी में आ चुका है। । उधऱ नेताओ्ं का कहना है कि हम गांधी का सम्मान करते है इसी कारण शीर्ष नेताओं ने भगवान के नाम से इस योजना का नाम रखा होगा। यह निर्णय गांधी जी की आस्था और उनके विचारों को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है, न कि उनका नाम हटाने या उनका अपमान करने के लिए।जनता में खुसुर-फुसुर है कि इसे राम रोटी का नाम दिया जाना चाहिए ताकि जिसने नाम बदलने का काम किया है औऱ जो विरोध कर रहे उन्हें रोटी पानी का इंतजाम होता रहे।

टीएस सिंहदेव का दुःख

पूर्व डिप्टी सीएम औऱ राजा साहब के नाम से विख्यात टीएस सिहंदेव ने सांसद बृजमोहन के मामले में अपनी पीड़ा व्यक्त की है। छत्तीसगढ़ में पहली बार होने जा रहे राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी मामले में सांसद बृजमोहन अग्रवाल के कोर्ट जाने को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस मामले पर पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बृजमोहन जैसे वरिष्ठ और अनुभवी नेता की स्थिति देखकर दुख होता है। टीएस सिंहदेव ने कहा, ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है कि सरकार में रहते हुए भाजपा के किसी वरिष्ठ नेता को स्काउट एंड गाइड के अध्यक्ष जैसे मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है। जंबूरी आयोजन से जुड़े इस मामले को लेकर पहले से ही राजनीतिक बयानबाजी जारी है। अब टीएस सिंहदेव के इस बयान के बाद सियासी माहौल और गरमाने के आसार हैं। जनता में खुसुर-फुसुर है कि जिस तरह कांग्रेस शासकाल में टीएस की स्थिति वाली बात इस सरकार में दिखाई दे रही है जिसमें असरदार नेता की ताकत को चैलेंज किया जा रहा है। वैसे भी अभी बाबा के पीछे भी पूर्व मुख्यमंत्री पड़ गए हैं उनके घर में सेंध लगाना शुरू कर दिया हैं।

आयो मिलकर कुछ करें

महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता में नगर पालिक निगम की मेयर इन काउंसिल की बैठक में सफाई, पेयजल, जलभराव सहित रायपुर शहर के समग्र विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर निर्णय लिए गए हैं। इन निर्णयों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करना, सड़क एवं नाला निर्माण, पर्यावरण संरक्षण, वायु गुणवत्ता सुधार, नागरिक सुविधाओं का विस्तार तथा जनकल्याण से जुड़े विषय शामिल हैं। नगर निगम का स्पष्ट उद्देश्य रायपुर शहर को और अधिक स्वच्छ, सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं रहने योग्य बनाना है। बैठक में ऐसे प्रस्तावों को प्राथमिकता दी गई है, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा। साथ ही सभी कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया है। नगर निगम प्रशासन शहर की वर्तमान आवश्यकताओं के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर निर्णय ले रहा है। जनता में खुसुर-फुसुर है कि नगर निगम में किसी भी पार्टी की बहुमत हो वहां तो नकद ही चलता है. एैसे में पिछले एक साल में अनेक घोषणा होने के बाद भी भाजपा की शहर सरकार कांग्रेस की तरह काम कर रही है। तो ये काम कैसे होंगे अंदाजा लगाया जा सकता है।

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