Sukma. सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में अवैध शराब और नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने आधी रात बड़ी कार्रवाई की है। छिंदगढ़ मुख्य चौराहे पर रात करीब एक बजे पुलिस ने संदिग्ध महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद होने की जानकारी सामने आई है। देर रात हुई इस कार्रवाई से इलाके में हलचल मच गई। पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर के नेतृत्व में जिले में अवैध शराब और नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। अब पुलिस के सामने शराब की आपूर्ति करने वालों और इसके पीछे सक्रिय संभावित नेटवर्क का पता लगाने की चुनौती है।
जानकारी के अनुसार, छिंदगढ़ क्षेत्र में पुलिस की टीम रात के समय संदिग्ध वाहनों और गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान मुख्य चौराहे पर एक महिंद्रा स्कॉर्पियो को रोककर उसकी तलाशी ली गई। वाहन की जांच करने पर उसमें बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब मिली। शराब के परिवहन से संबंधित दस्तावेजों और उसकी वैधता की जांच को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि रात करीब एक बजे हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने शराब की बरामदगी के संबंध में आगे की जांच शुरू की। हालांकि, जब्त शराब की कुल मात्रा, अनुमानित कीमत, वाहन का पंजीयन नंबर और इस मामले में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी के संबंध में अभी आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है।
सुकमा पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब राज्य सरकार ने अवैध शराब और मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने 29 अक्टूबर को आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में पुलिस अधिकारियों को नशे के अवैध कारोबार के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया था कि कार्रवाई केवल छोटे विक्रेताओं या शराब और मादक पदार्थों की आपूर्ति करने वाले व्यक्तियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अवैध कारोबार के पीछे सक्रिय मुख्य तस्करों, आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने वालों और आपूर्ति व्यवस्था से जुड़े लोगों की भी पहचान की जानी चाहिए।
समीक्षा बैठक में मादक पदार्थों के स्रोत, परिवहन और बिक्री से जुड़े नेटवर्क की जांच पर विशेष जोर दिया गया था। इसके साथ ही तस्करी में इस्तेमाल होने वाले वाहनों के राजसातीकरण और अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई तेज करने के निर्देश भी दिए गए थे। इसी पृष्ठभूमि में सुकमा जिले में पुलिस की सक्रियता बढ़ाई गई है। पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर के नेतृत्व में थाना स्तर पर अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखने और संदिग्ध वाहनों की जांच करने पर जोर दिया जा रहा है। छिंदगढ़ में आधी रात हुई कार्रवाई को इसी अभियान के तहत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्कॉर्पियो से शराब बरामद होने के बाद अब कई सवाल सामने आए हैं। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। इसके अलावा वाहन का वास्तविक मालिक कौन है और शराब के परिवहन में किन लोगों की भूमिका रही, इसकी जांच भी महत्वपूर्ण होगी। यह भी जांच का विषय है कि बरामद शराब किसी संगठित तस्करी नेटवर्क से जुड़ी है या किसी अन्य माध्यम से इसका परिवहन किया जा रहा था। फिलहाल इस मामले में किसी बड़े गिरोह की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केवल शराब और वाहन की जब्ती पर्याप्त नहीं मानी जा सकती। ऐसे मामलों में आपूर्ति करने वाले व्यक्ति, परिवहन की व्यवस्था और बिक्री के संभावित ठिकानों की पहचान करना भी आवश्यक होता है। राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप पुलिस से अपेक्षा की जा रही है कि जांच के दौरान सामने आने वाले सभी संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की जाए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
सुकमा जैसे संवेदनशील जिले में रात के समय संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और वाहनों की जांच को कानून व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि अवैध शराब के परिवहन पर निगरानी जारी है। फिलहाल छिंदगढ़ में स्कॉर्पियो से शराब बरामदगी के मामले में आगे की जांच और आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। जब्त शराब की मात्रा, परिवहन के स्रोत और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।