पीएम फसल बीमा में लाखों रुपए का फर्जीवाड़ा, केला की फसल को चना दिखाकर लिया मुआवजा
छग
Rajnandgaon. राजनांदगांव। जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में लाखों रुपए के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। यह मामला छुरिया ब्लॉक के आमगांव से संबंधित है, जहां फसल बीमा कंपनी ने केले की फसल को चना फसल के रूप में दर्ज कर लाखों रुपए का मुआवजा अलग-अलग खातों में जमा कर दिया। इस मामले की शिकायत पूर्व कांग्रेस विधायक छन्नी साहू ने प्रशासन से की थी। शिकायत के बाद जिला प्रशासन की जांच टीम आमगांव पहुंची और किसानों व अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। जिला प्रशासन के अनुसार, जिले के कृषि अधिकारी टीकम ठाकुर ने स्वीकार किया कि आमगांव में फसल बीमा के मामले में फर्जीवाड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि बीमा कंपनी ने केले की फसल को चना फसल बताकर बीमा कराया और करोड़ों रुपए का मुआवजा गलत तरीके से हासिल किया गया।
जांच टीम का गठन और कार्रवाई
सोमवार को छुरिया तहसीलदार विजय कोठारी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया। इस टीम में शामिल थे – एचएल देशलहरे (अनुविभागीय कृषि अधिकारी), एसएल पन्द्रे (सहायक सांख्यिकी अधिकारी), जीपी सहाड़े (प्रधान परि. कृषि विकास अधिकारी छुरिया), नोहर बंजारे (जिला समन्वयक) और तहसीलदार। टीम ने ग्राम आमगांव में जाकर किसानों और मामले में संलिप्त लोगों के बयान लिए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पिछले एक साल से रैलिस बायो एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 34 खसरों की 40 हेक्टेयर भूमि पर केले की खेती की जा रही थी। इसके बावजूद बीमा कंपनी ने 2024-25 की रबी फसल में केले की जगह चना फसल का बीमा कराया और कृषि विभाग के अधिकारियों, पटवारी एवं बीमा एजेंट की मिलीभगत से 25 लाख रुपए से अधिक का मुआवजा लिया गया।
पूर्व मामलों की जानकारी
यह पहला मामला नहीं है। 2022-23 में भी कांग्रेस सरकार के दौरान एक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ने 16.389 हेक्टेयर भूमि में फसलों का बीमा अपने नाम पर कराया था। शिकायत के बावजूद बीमा कंपनी ने पोर्टल से नाम हटा दिया। जांच में अधिकारी दोषी ठहराया गया, लेकिन कार्रवाई नगण्य रही। वर्तमान में वही अधिकारी छुरिया ब्लॉक में पदस्थ हैं और नए फर्जीवाड़े में संलिप्त पाए जा रहे हैं।
कंपनी का पक्ष
रैलिस बायो एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व पार्टनर जय बग्गा ने कहा कि उन्हें इस फर्जीवाड़े की जानकारी जांच टीम के आने पर ही हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो उन्होंने जमीन किसी को लीज पर दी है और न ही कंपनी के खाते में कोई पैसा गया है। उन्होंने कहा कि यह उनके चरित्र और कंपनी के लिए दाग है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मानहानि नोटिस भेजा जाएगा।
पूर्व विधायक छन्नी साहू का बयान
छन्नी साहू ने कहा कि जहां पिछले दो साल से केले की खेती हो रही है, वहां चना फसल के नाम पर 23 से 26 लाख रुपए का मुआवजा गलत तरीके से लिया गया। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल बीमा मिलना जरूरी है, लेकिन इस तरह का फर्जीवाड़ा उचित नहीं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि सुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
अफसरों का बयान
कृषि विभाग के अधिकारी ने कहा कि तहसीलदार विजय कोठारी के नेतृत्व में कृषि एवं राजस्व विभाग की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी जाएगी। रिपोर्ट में दोषियों की पहचान और आगे की कार्रवाई का विवरण शामिल किया जाएगा। यह मामला न केवल किसानों के अधिकारों का हनन करता है, बल्कि सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग को भी उजागर करता है। इसमें कृषि विभाग, पटवारी और बीमा एजेंट की मिलीभगत सामने आई है। यदि दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।