Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के नगर घड़ी चौक में आज शाम छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने एक विशाल रैली निकालकर प्रदेश की अस्मिता और गौरव की रक्षा का संकल्प लिया। रैली में हजारों की संख्या में युवा, महिला और वरिष्ठ सदस्य शामिल हुए। हाथों में बैनर, झंडे और तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने पूरे जोश के साथ नारे लगाए। “छत्तीसगढ़ का अपमान नहीं सहेंगे”, “छत्तीसगढ़िया के अपमान नहीं साहबो” और “जय जोहार छत्तीसगढ़” से पूरा चौक गूंज उठा।
छत्तीसगढ़ की अस्मिता के लिए जुटी भीड़
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना की यह रैली प्रदेश में छत्तीसगढ़ियों के सम्मान और अधिकारों से जुड़ी मांगों को लेकर आयोजित की गई थी। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, भाषा और पहचान के साथ किसी भी प्रकार का अनादर या उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रैली में संगठन के कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक पोशाक पहनकर अपनी सांस्कृतिक पहचान का प्रदर्शन किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच रैली नगर घड़ी चौक से प्रारंभ होकर मुख्य बाजार मार्ग से होते हुए गांधी चौक तक पहुंची, जहां सभा का आयोजन किया गया।
पदाधिकारियों ने रखी अपनी बातें
सभा को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- “हमारे पूर्वजों ने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के लिए संघर्ष किया था। आज भी हमें अपने अधिकार और पहचान की रक्षा करनी है। अगर कोई छत्तीसगढ़ की अस्मिता को ठेस पहुंचाएगा तो हम चुप नहीं बैठेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि राज्य की माटी, संस्कृति, तीज-त्योहार और लोकभाषा इस प्रदेश की आत्मा है। छत्तीसगढ़ के युवाओं को अब अपनी पहचान को लेकर सजग और एकजुट रहना होगा।
रैली में युवाओं का उत्साह
रैली में बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी रही। हाथों में “हमर माटी हमर गौरव”, “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” जैसे नारे लिखे पोस्टर थे। भीड़ में ऊर्जा और आक्रोश दोनों का मिश्रण साफ झलक रहा था। युवाओं ने कहा कि वे किसी भी स्थिति में छत्तीसगढ़ का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। रैली के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई और ट्रैफिक को भी कुछ देर के लिए डायवर्ट किया गया।
सांस्कृतिक एकता और चेतना का संदेश
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना की यह रैली सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना और एकता का प्रतीक भी बनी। रैली के अंत में प्रदेश की जनता से अपील की गई कि वे छत्तीसगढ़ की माटी, भाषा और संस्कृति के सम्मान में आगे आएं। संगठन ने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में किसी ने भी छत्तीसगढ़ या छत्तीसगढ़ियों का अपमान किया, तो पूरे प्रदेश में जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। रैली का समापन “जय जोहार, जय छत्तीसगढ़” के नारों के साथ हुआ।