खैर लकड़ी तस्करी का भंडाफोड़: लाखों रुपए की अवैध लकड़ी जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार
छग
Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में खैर लकड़ी की अवैध तस्करी का मामला सामने आया है। वन विभाग की सूचना के आधार पर रायगढ़ और जांजगीर-चांपा जिले की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए लाखों रुपए मूल्य की अवैध लकड़ी जब्त की और दो आरोपियों को हिरासत में लिया। यह कार्रवाई जिले में वन सुरक्षा और अवैध वनोपज पर अंकुश लगाने के लिए की गई। जानकारी के अनुसार, रायगढ़ के डीएफओ को मुखबिर से सूचना मिली कि सहसपुरी क्षेत्र से खैर की लकड़ी चोरी करके तस्कर जांजगीर-चांपा जिले के गोदाम में डंप कर रहे हैं। सूचना मिलने के बाद डीएफओ ने तत्काल एसडीओ, रेंजर और उड़नदस्ता टीम गठित कर तस्करों की खोज शुरू करने के निर्देश दिए।
वन अमला ने तस्करों की गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए चंद्रपुर रोड पर ट्रक को पकड़ लिया। ट्रक की तलाशी के दौरान लगभग 50 हजार रुपए मूल्य की अवैध लकड़ी जब्त हुई। हालांकि, चालक मौके का फायदा उठाकर भाग गया। कुछ देर बाद वन अमला ने चालक सूरज कुमार सारथी को रतनपुर से पकड़ लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि खैर की लकड़ी सहसपुरी में डंप की गई थी और इसे चांपा में मनीष अग्रवाल के गोदाम में ले जाया जाना था। सूरज कुमार के साथी मेलाराम सतनामी भी तस्करी में शामिल था और अवैध लकड़ी एकत्र करता था। जांच में यह भी पता चला कि खैर लकड़ी को चांपा से पंजाब और हरियाणा जैसे अन्य राज्यों में भेजा जाता था। तस्करी का यह गिरोह रायगढ़ और जांजगीर-चांपा जिलों में सक्रिय है और लंबे समय से बड़े पैमाने पर कार्य कर रहा था।
रायगढ़ वन रेंजर संजय लकड़ा ने बताया कि मुखबिर की सूचना मिलने के बाद ट्रक को पकड़ना संभव हुआ। इसके बाद जांच और निगरानी के आधार पर जांजगीर-चांपा की टीम के साथ मिलकर गोदाम पर दबिश दी गई। दबिश में लाखों रुपए मूल्य की अवैध खैर लकड़ी जब्त की गई। साथ ही, रायगढ़ में एक ट्रक में लोड अवैध लकड़ी भी जब्त की गई। वन विभाग ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही अवैध लकड़ी तस्करी की जांच जारी है और अन्य गिरोह सदस्यों की पहचान के लिए तकनीकी और गुप्त सूचनाओं का उपयोग किया जा रहा है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी अवैध गतिविधियों पर कोई सहनशीलता नहीं दिखाई जाएगी और तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई और त्वरित सूचना नेटवर्क की भूमिका सराहनीय रही। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अभियान वन संसाधनों की सुरक्षा, वन अपराधों पर नियंत्रण और स्थानीय वन कानूनों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं।वन विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि किसी भी अवैध लकड़ी तस्करी या अन्य वन अपराध की जानकारी तुरंत वन अमला या पुलिस को दें, ताकि कार्रवाई समय पर की जा सके और वन संपदा को सुरक्षित रखा जा सके।