Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में नए नामांकित और जूनियर अधिवक्ताओं को मासिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के मामले में हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। चीफ जस्टिस केआर महापात्र की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल को जूनियर वकीलों के लिए मासिक वृत्ति (स्टाइपेंड) संबंधी गाइडलाइन तैयार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने बार काउंसिल को इसके लिए एक महीने का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 8 दिसंबर 2026 को निर्धारित की गई है। हालांकि, अभी जूनियर वकीलों को आर्थिक सहायता देने की योजना लागू नहीं हुई है और न ही मासिक राशि तय की गई है।

जूनियर वकीलों की आर्थिक मदद पर हाईकोर्ट में सुनवाई
बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में नए नामांकित अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता देने से संबंधित जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने राज्य सरकार और स्टेट बार काउंसिल से इस योजना की वर्तमान स्थिति के संबंध में जानकारी ली। पक्षकारों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट के सामने यह बात आई कि जूनियर अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता देने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल ने अब तक कोई ड्राफ्ट गाइडलाइन तैयार नहीं की है। इसके बाद हाईकोर्ट ने बार काउंसिल को निर्धारित समयसीमा में आवश्यक दिशा-निर्देश तैयार करने को कहा।

कैबिनेट बैठक में नहीं हो सकी थी प्रस्ताव पर चर्चा
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने कोर्ट को बताया कि नए नामांकित अधिवक्ताओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि 30 सितंबर 2026 को आयोजित कैबिनेट बैठक में इस विषय पर चर्चा नहीं हो सकी थी। इसके बाद 27 अक्टूबर को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर विचार किए जाने की संभावना जताई गई थी। हालांकि, उक्त बैठक में प्रस्ताव पर कोई अंतिम निर्णय लिया गया या नहीं, इसकी पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

बार काउंसिल ने मांगी एक महीने की मोहलत
छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल की ओर से अधिवक्ता पलाश तिवारी ने न्यायालय में पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से फंड उपलब्ध कराए जाने की स्थिति में जूनियर अधिवक्ताओं को वित्तीय सहायता देने के लिए आवश्यक गाइडलाइन का मसौदा प्रस्तुत किया जाएगा। बार काउंसिल ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक महीने का समय मांगा। हाईकोर्ट ने आग्रह स्वीकार करते हुए एक माह के भीतर गाइडलाइन तैयार करने का निर्देश दिया।

प्रमुख सचिव का शपथपत्र हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड पर लिया
मामले की सुनवाई के दौरान विधि एवं विधायी कार्य विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से 24 अक्टूबर 2026 को प्रस्तुत शपथपत्र को भी न्यायालय ने रिकॉर्ड पर लिया। सुनवाई में याचिकाकर्ता सिद्धांत दास स्वयं उपस्थित रहे। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर, स्टेट बार काउंसिल की ओर से पलाश तिवारी और बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से अधिवक्ता यश त्रिपाठी उपस्थित हुए। याचिकाकर्ता ने जूनियर वकीलों के लिए जारी होने वाली संभावित सहायता राशि के उचित उपयोग और निगरानी को लेकर सुझाव देने का अवसर भी मांगा।

कितनी राशि मिलेगी और किन वकीलों को होगा लाभ?
जूनियर वकीलों के लिए प्रस्तावित आर्थिक सहायता योजना को लेकर कई महत्वपूर्ण सवालों पर अभी फैसला होना बाकी है। मासिक सहायता राशि कितनी होगी, कितने वर्षों तक प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा और पात्रता की शर्तें क्या होंगी, इन बिंदुओं पर अंतिम दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं। इसके अलावा सहायता राशि के वितरण, निगरानी और वित्तीय व्यवस्था से संबंधित प्रावधान भी तय होने बाकी हैं।

8 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब स्टेट बार काउंसिल को एक महीने के भीतर गाइडलाइन का मसौदा तैयार करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 8 दिसंबर 2026 को होगी। इस दौरान सरकार की ओर से वित्तीय सहायता पर लिए गए निर्णय और बार काउंसिल की तैयारियों की स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी। फिलहाल इस आदेश से जूनियर अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है, लेकिन वास्तविक भुगतान शुरू होने के लिए सरकार और संबंधित संस्थाओं के अंतिम निर्णय का इंतजार करना होगा।
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