जय जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने की बिना अनुमति विशाल रैली, FIR दर्ज
छग क्रांति सेना के संचालक ललित बघेल और अनिल दुबे सहित कई लोगों पर मामला दर्ज
Raipur. रायपुर। खपराभट्ठी आमापारा थाना क्षेत्र में आज दिनांक 05.12.2025 को छत्तीसगढ़ अस्मिता बचाव रैली के दौरान आम जनता और राहगीरों के लिए गंभीर परेशानी उत्पन्न हुई। घटना के अनुसार, जय जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी (छत्तीसगढ़िया सर्व समाज संगठन) के संचालक ललित बघेल, अनिल दुबे एवं अन्य सहयोगियों ने बिना किसी सरकारी अनुमति के रैली का आयोजन किया। रैली का उद्देश्य गुरुघासीदास काम्पलेक्स आमापारा से इकट्ठा होकर राजभवन पहुंचकर ज्ञापन सौंपना था। रैली के दौरान, दोपहर लगभग 01:00 बजे आमापारा चौक के पास बड़ी संख्या में लोग सड़क पर इकट्ठा हो गए और आने-जाने वाले वाहनों और राहगीरों को रोक दिया। इससे आम जनता को असुविधा हुई और सड़क पर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं। रैली के आयोजकों ने प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बावजूद सड़क खाली नहीं की।
आम रास्ता जाम कर नारेबाजी करते रहे। यह जाम दोपहर लगभग 03:00 बजे तक जारी रहा। रिपोर्ट में बताया गया है कि सड़क जाम होने के कारण आम जनता एवं राहगीरों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। निजी काम से पंडरी जा रहे एक नागरिक ने इस घटना के दौरान अपनी असुविधा का अनुभव साझा किया और इस पर कार्यवाही की मांग की। उन्होंने बताया कि रैली में शामिल व्यक्तियों ने बिना अनुमति और प्रशासनिक अनुमति के मार्ग बाधित किया, जिससे वाहन संचालन प्रभावित हुआ। घटना की रिपोर्ट खपराभट्ठी आमापारा थाना में दर्ज कराई गई। नागरिक ने यह भी उल्लेख किया कि रैली का आयोजन बिना अनुमति और प्रशासनिक जानकारी के किया गया था, जो कानून के विरुद्ध है। प्रशासन को इस प्रकार की गतिविधियों पर ध्यान देने और आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।
इस प्रकार की घटनाओं से न केवल सड़क यातायात प्रभावित होता है बल्कि आम जनता की सुरक्षा और सुविधा पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए यह आवश्यक है कि ऐसे आयोजनों में पहले अनुमति सुनिश्चित की जाए और आम जनता के हितों की रक्षा की जाए। रिपोर्ट के अनुसार, घटना स्थल पर उपस्थित नागरिकों और राहगीरों ने बताया कि रैली के दौरान सड़क पर जाम और नारेबाजी के कारण लोगों में रोष भी उत्पन्न हुआ। प्रशासन ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया और आगे की कार्रवाई की संभावना जताई। यह घटना रायपुर में सार्वजनिक आयोजनों के दौरान नियमों के पालन और प्रशासनिक अनुमति की आवश्यकता की याद दिलाती है। नागरिकों ने मांग की है कि बिना अनुमति किसी भी रैली या प्रदर्शन के आयोजकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में सड़क जाम और असुविधा जैसी स्थिति पैदा न हो।