ITI के छात्रों को मिलेगा 5 दिन का AI प्रशिक्षण, कलेक्टर बोले- पढ़ाई के साथ हुनर भी जरूरी
अंतिम सप्ताह में युवा फेस्टो
धमतरी : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में युवाओं को आधुनिक तकनीक और रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कुरूद स्थित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) पहुंचकर छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। उन्होंने विद्यार्थियों को बदलते तकनीकी दौर में कौशल विकास, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का महत्व समझाया। इस दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों को पांच दिवसीय एआई प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया।
5 दिवसीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने आईटीआई के विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने कोपा, इलेक्ट्रिशियन, वेल्डिंग सहित अन्य ट्रेडों के छात्र-छात्राओं से उनकी पढ़ाई, प्रशिक्षण और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी जाना कि प्रशिक्षण में उन्हें किस प्रकार का व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है और वे आगे किस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि आज का समय तेजी से बदलती तकनीक और नए अवसरों का है। ऐसे में केवल किताबी ज्ञान हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल और तकनीकी दक्षता विकसित करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिस युवा के पास हुनर और सीखने की क्षमता है, उसके सामने आगे बढ़ने के अनेक अवसर मौजूद हैं। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को आधुनिक प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल टूल्स के उपयोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई तकनीक को समझना और उसके अनुरूप अपने कौशल को विकसित करना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। युवाओं को अपनी पढ़ाई के साथ तकनीकी ज्ञान बढ़ाने तथा निरंतर कुछ नया सीखने की आदत विकसित करनी चाहिए।
ITI छात्रों को मिलेगा AI प्रशिक्षण
उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और रोजगार के क्षेत्रों में भी नई तकनीकों का उपयोग बढ़ रहा है। इसलिए विद्यार्थियों को अपने प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि बदलते समय के अनुसार स्वयं को लगातार अपडेट करते रहना चाहिए। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि उनका कौशल ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। यदि युवा अपने हुनर को लगातार निखारते रहें और मेहनत के साथ आगे बढ़ें, तो वे अपना भविष्य बेहतर बनाने के साथ परिवार और समाज के विकास में भी योगदान दे सकते हैं। उन्होंने करियर निर्माण के लिए नई चुनौतियों को स्वीकार करने का संदेश दिया। कलेक्टर ने कहा कि बेहतर प्रशिक्षण, अनुभव और अवसर प्राप्त करने के लिए यदि घर-परिवार से दूर भी जाना पड़े, तो युवाओं को इसके लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए। नए स्थानों पर जाने और अलग-अलग परिस्थितियों में काम करने से अनुभव बढ़ता है तथा सीखने का दायरा व्यापक होता है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने विद्यार्थियों को बताया कि आगामी नवंबर माह के अंतिम सप्ताह में कुरूद में युवा फेस्टो का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुसार कार्यक्रम में पंजीयन कराने की अपील की, ताकि वे अपनी कला, हुनर और क्षमताओं को प्रदर्शित कर सकें। इसके साथ ही कलेक्टर ने विद्यार्थियों के लिए पांच दिवसीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण आयोजित करने की जानकारी दी। उन्होंने छात्र-छात्राओं को इस प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से भाग लेने और नई तकनीकों के बारे में सीखने के लिए प्रोत्साहित किया।
कलेक्टर ने ITI छात्रों को बताया कामयाबी का रास्ता
कलेक्टर ने कहा कि एआई और आधुनिक डिजिटल तकनीकों की जानकारी विद्यार्थियों के भविष्य के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं को नई प्रौद्योगिकी से परिचित होना चाहिए, ताकि वे बदलते कार्यक्षेत्र की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझ सकें। इस अवसर पर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और एसडीएम पीयूष तिवारी ने विद्यार्थियों के साथ अपने छात्र जीवन के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने पढ़ाई के दौरान आने वाली चुनौतियों, करियर निर्माण और जीवन में मिले अनुभवों के बारे में बताया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित करने, अनुशासन बनाए रखने और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, निरंतर अभ्यास और सीखने की इच्छा युवाओं को सफलता की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कुरूद आईटीआई में विद्यार्थियों के साथ हुए इस संवाद का प्रमुख उद्देश्य युवाओं को तकनीकी शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल और नवाचार के प्रति जागरूक करना रहा। कलेक्टर ने विद्यार्थियों से उपलब्ध प्रशिक्षण अवसरों का लाभ उठाने और भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया।