राज्यपाल के नए परिसहाय बने IPS उमेश गुप्ता

छग

Update: 2025-09-28 14:49 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में शासन व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुचारू बनाने के उद्देश्य से राज्यपाल के परिसहाय में बड़ा बदलाव किया गया है। 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी उमेश गुप्ता को छत्तीसगढ़ राज्यपाल का नया एडीसी (असिस्टेंट डायरेक्टर कमांडेंट) नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही वह आईपीएस सुनील कुमार शर्मा के स्थान पर यह महत्वपूर्ण पद संभालेंगे। गृह विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश में साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि उमेश गुप्ता 2025 के अंत से राज्यपाल के परिसहाय में कार्यभार ग्रहण करेंगे।

नया एडीसी उमेश गुप्ता: पृष्ठभूमि और करियर
नियुक्त किए गए नए एडीसी उमेश गुप्ता 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनका करियर अब तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों और जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा है। उन्होंने राज्य के कई जिलों में सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया है। राज्यपाल के परिसहाय में एडीसी की भूमिका केवल शारीरिक सुरक्षा तक सीमित नहीं होती, बल्कि प्रशासनिक सहयोग, कार्यक्रमों का समन्वय और संवैधानिक जिम्मेदारियों के पालन में भी यह पद महत्वपूर्ण होता है। उमेश गुप्ता की नियुक्ति को राज्य प्रशासन और सुरक्षा विशेषज्ञों ने सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा है। उनका अनुभव और नेतृत्व क्षमता राज्यपाल कार्यालय के कामकाज को और अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायक होगी।

सुनील कुमार शर्मा का स्थानांतरण और योगदान
आईपीएस सुनील कुमार शर्मा, जिन्होंने इस पद पर पिछले कुछ वर्षों तक कार्य किया, अब अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए स्थानांतरित किए गए हैं। उनके कार्यकाल में राज्यपाल कार्यालय के सुरक्षा मानक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कई सुधार किए गए। सुनील कुमार शर्मा की कार्यशैली और प्रशासनिक कुशलता को राज्यपाल कार्यालय में सराहा गया। उनके नेतृत्व में कार्यालय ने कई उच्च स्तरीय कार्यक्रमों और राज्यपाल द्वारा आयोजित सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों का सफल संचालन किया।

गृह विभाग का आदेश और प्रशासनिक प्रक्रियाएँ
छत्तीसगढ़ गृह विभाग ने उमेश गुप्ता की नियुक्ति के लिए आधिकारिक आदेश जारी किया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नए एडीसी को तत्काल प्रभाव से राज्यपाल के परिसहाय में जिम्मेदारी संभालनी होगी। आदेश के अनुसार, नियुक्ति प्रक्रिया राज्य शासन की नियमित प्रशासनिक प्रक्रियाओं और सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार की गई है। गृह विभाग का यह कदम राज्यपाल कार्यालय में लगातार सुधार और सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया है।
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