रायपुर में अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त, 2 महिलाओं समेत 5 आरोपी गिरफ्तार
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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में कमिश्नरेट पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और टिकरापारा थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 46.100 किलोग्राम गांजा के साथ दो महिलाओं सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गांजा के अलावा दो मोबाइल फोन और एक सुजुकी एक्सेस दोपहिया वाहन भी जब्त किया है। बरामद मशरूका की कुल कीमत करीब 24 लाख रुपये आंकी गई है।
यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) संदीप कुमार पटेल की संयुक्त मॉनिटरिंग में की गई। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई से गांजा तस्करी की पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त करने में सफलता मिली है। पुलिस को 11 जुलाई 2026 को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि टिकरापारा थाना क्षेत्र के कमल विहार इलाके में कुछ लोग बड़ी मात्रा में गांजा लेकर उसकी सप्लाई करने आने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एएनटीएफ और टिकरापारा पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने कमल विहार रोड स्थित शिव मंदिर के सामने नीलगिरी प्लांटेशन के पास घेराबंदी की।
कुछ समय बाद पुलिस ने एक महिला सहित तीन संदिग्ध लोगों को सुजुकी एक्सेस वाहन के साथ खड़े देखा। पुलिस को देखकर तीनों भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान कमलेश सोनवानी, राजा टंडन और नीतू टंडन निवासी पंडरी, रायपुर के रूप में बताई। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें रखी तीन बोरियों और एक थैले से कुल 46.100 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि यह गांजा ओडिशा के कालाहांडी जिले से लाया गया था।
इस महत्वपूर्ण जानकारी के बाद पुलिस ने तस्करी की पूरी सप्लाई चेन को पकड़ने के लिए बैकवर्ड लिंकेज पर कार्रवाई शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की मदद से पुलिस ने रायपुर रेलवे स्टेशन के पास दो संदिग्ध सप्लायरों को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। उनकी पहचान बनमाली तांडी और अनु तांडी निवासी जिला कालाहांडी (ओडिशा) के रूप में हुई। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ओडिशा से गांजा लाकर रायपुर में कमलेश सोनवानी, राजा टंडन और नीतू टंडन को सप्लाई करते थे। इसके बाद रायपुर में गांजे की अवैध बिक्री और वितरण किया जाता था।
पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ थाना टिकरापारा में अपराध क्रमांक 619/2026 के तहत नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की धारा 20 (बी) (ii) (सी) के अंतर्गत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी कमलेश सोनवानी के खिलाफ रायपुर और महासमुंद जिले के विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से करीब चार मामले दर्ज हैं। वहीं राजा टंडन के खिलाफ ओडिशा के टिटलागढ़ क्षेत्र में भी एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज है, जिसमें वह पहले जेल जा चुका है। इससे स्पष्ट है कि आरोपी लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय थे।
गिरफ्तार आरोपियों में कमलेश सोनवानी (36), राजा टंडन (36), नीतू टंडन (34), बनमाली तांडी (23) और अनु तांडी (27) शामिल हैं। इनमें दो आरोपी ओडिशा के कालाहांडी जिले के निवासी हैं, जबकि तीन आरोपी रायपुर के पंडरी क्षेत्र के रहने वाले हैं। रायपुर पुलिस ने कहा कि प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ केवल स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं, बल्कि सप्लाई नेटवर्क के स्रोत तक पहुंचकर एंड-टू-एंड कार्रवाई की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क को खत्म किया जा सके। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं मादक पदार्थों की बिक्री, परिवहन या तस्करी की सूचना मिले तो तत्काल पुलिस को जानकारी दें। पुलिस का कहना है कि समाज को नशा मुक्त बनाने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।