Raipur. रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अटल नगर, नया रायपुर में आयोजित आईएएस कॉन्क्लेव एवं मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार कार्यक्रम में प्रदेश के पांच जिलों और पांच विभागों को उनके नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से सरकार ने उन अधिकारियों और विभागों को प्रोत्साहित किया, जिन्होंने सुशासन और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने गुड गवर्नेंस के लिए अलग से सुशासन विभाग का गठन किया। इसके तहत अब तक 400 से अधिक नीतिगत सुधार किए गए हैं, जिनका सीधा लाभ प्रदेशवासियों को प्राप्त हुआ और प्रशासनिक कार्यकुशलता में वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि सुशासन तभी संभव है, जब नीति अच्छी हो और नियत भी सही हो, और छत्तीसगढ़ इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ई-प्रगति पोर्टल का भी शुभारंभ किया। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म छत्तीसगढ़ के सभी विभागों द्वारा किए जाने वाले 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की निगरानी में मदद करेगा। इसके माध्यम से परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति, प्रगति और गुणवत्ता पर नजर रखी जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी, बल्कि सरकारी परियोजनाओं में भ्रष्टाचार और विलंब को भी कम करेगी। उन्होंने अधिकारियों से यह अपेक्षा जताई कि वे इस पोर्टल का अधिकतम उपयोग करके सुशासन को और प्रभावी बनाएँ।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और विभाग प्रमुखों ने नवाचार पुरस्कारों के माध्यम से प्राप्त प्रोत्साहन और सम्मान को सराहा। कार्यक्रम में नवाचारों को लेकर चर्चा की गई और बताया गया कि किस तरह से नीतिगत सुधारों ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में प्रशासनिक दक्षता और जनसुविधाओं को बेहतर बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन केवल नियम-कानून और नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नीति निर्माण और उसका प्रभावी कार्यान्वयन दोनों से सुनिश्चित होता है। ई-प्रगति पोर्टल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सरकारी परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति की जानकारी नागरिकों तक भी पहुंचाएगा।
इस अवसर पर 5 जिलों और 5 विभागों को नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया, जिससे यह संदेश गया कि प्रदेश में सभी स्तर पर प्रशासनिक सुधार और नवाचार को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अधिक नीतिगत सुधार लाने, डिजिटल निगरानी बढ़ाने और जनहितकारी परियोजनाओं के प्रभाव को बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ सरकार की सुदृढ़ प्रशासनिक नीति, डिजिटल निगरानी और नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।