Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में धोखाधड़ी कर शादी करने के एक मामले में पुलिस ने आरोपी युवक विजय कुमार पाण्डेय (42) और विवाह में मध्यस्थता कराने वाले विद्ववासनी शुक्ला (61) को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को अविवाहित बताकर और अपनी वास्तविक उम्र, पहली शादी तथा तलाक की जानकारी छुपाकर पीड़िता से शादी की। वहीं, विवाह मध्यस्थ ने भी सच्चाई जानते हुए युवती को गुमराह किया। यह मामला उतई थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, 22 दिसंबर 2025 को पीड़िता ने थाना उतई में लिखित आवेदन देकर बताया कि विजय कुमार पाण्डेय, न्यू कैलाश नगर कुरूद भिलाई निवासी, ने विवाह से पहले अपने पूर्व विवाह, तलाक, वास्तविक उम्र और नौकरी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए। इसके बावजूद उसने युवती से विवाह किया। पीड़िता ने बताया कि विवाह तय कराने में मध्यस्थ विद्ववासनी शुक्ला की भूमिका रही, जो चिंगरी पारा सुपेला भिलाई के निवासी हैं। उन्हें भी आरोपी की वास्तविक स्थिति की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने सच्चाई नहीं बताई और विवाह करवा दिया। शादी के बाद जब पीड़िता ससुराल में रहने लगी, तो आरोपी के व्यवहार से उसे शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान होना पड़ा। तब उसे पता चला कि आरोपी पहले से विवाहित था और तलाक भी हो चुका था।
इस तथ्य के सामने आने पर पीड़िता ने खुद को ठगा हुआ महसूस किया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत के आधार पर आरोपी और मध्यस्थ के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस टीम ने आरोपी विजय कुमार पाण्डेय और विद्ववासनी शुक्ला का पता तलाश कर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने विवाह नहीं होने का डर दिखाकर अपनी वास्तविक वैवाहिक स्थिति, उम्र और अन्य जानकारियों को छुपाया था। जाँच के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से आधार कार्ड, पैन कार्ड और तलाक से संबंधित न्यायालयीन आदेश की प्रतियां जब्त की हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मामला युवाओं को सावधान करने वाला है और विवाह में छिपाई गई जानकारियों को गंभीरता से लेने की जरूरत है। पुलिस ने यह भी कहा कि आरोपी और मध्यस्थ दोनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और मामले की निष्पक्ष जांच जारी है। इस घटना ने सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बना दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि विवाह में झूठे दावे और छुपाई गई जानकारियों के कारण पीड़िता मानसिक और भावनात्मक रूप से हानि उठाती है। ऐसे मामलों में पुलिस को समय पर कार्रवाई करना और न्याय दिलाना अत्यंत आवश्यक है। अभियुक्तों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कहा कि इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और विवाह में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त संदेश देने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।