Jagdalpur. जगदलपुर। बस्तर में लगातार हो रही बारिश के बीच इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। नदी में बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए नदी तट से लगे इलाकों और निचले क्षेत्रों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, ओडिशा के कोरापुट जिला प्रशासन ने इंद्रावती नदी में बढ़ते जलप्रवाह की स्थिति से बस्तर के जल संसाधन विभाग को अवगत कराया है। इसके बाद बस्तर प्रशासन ने नदी के जलस्तर और आसपास के इलाकों की स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है। प्रशासन की ओर से लगातार हालात की जानकारी जुटाई जा रही है।
बताया गया है कि ओडिशा के खाटीगुड़ा क्षेत्र में स्थित डैम के गेट को करीब एक घंटे के लिए खोला गया था। इसके बाद इंद्रावती नदी में पानी का प्रवाह बढ़ने लगा। नदी में अचानक बढ़े जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों की ओर से जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रखी जा रही है। बस्तर जिला प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए SDRF और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को नदी किनारे और निचले इलाकों में विशेष निगरानी रखने के लिए कहा गया है। कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित अमला संभावित बाढ़ या जलभराव वाले क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
ग्रामीण इलाकों में भी प्रशासन ने सतर्कता बढ़ाई है। पंचायत प्रतिनिधियों और कोटवारों के माध्यम से ग्रामीणों तक आवश्यक जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को नदी, नाले और अन्य जलस्रोतों के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके। मौसम विभाग की ओर से अगले दिन भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश और इंद्रावती नदी में बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए नदी और उससे जुड़े नदी-नालों के जलस्तर में आगे भी बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
कलेक्टर ने लोगों से कहा है कि वे नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं। खासकर तेज बहाव वाले पानी को पार करने की कोशिश नहीं करने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों से कहा गया है कि किसी भी तरह की आपात स्थिति या जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की जानकारी मिलने पर तत्काल पंचायत प्रतिनिधि या कोटवार को सूचना दें। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रखना और संभावित बाढ़ या जलभराव की स्थिति में समय पर राहत एवं बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करना है।