Durg. दुर्ग। दुर्ग जिले के अहिवारा क्षेत्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित जर्दा युक्त पान मसाला फैक्ट्री को सील कर दिया। यह कार्रवाई नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देश पर की गई। उपसंचालक डॉ. मनोज दानी और अभिहीत अधिकारी जितेन्द्र कुमार नेले के मार्गदर्शन में टीम ने पूरे मामले की जांच की। जानकारी के अनुसार निरीक्षण के दौरान स्थानीय व्यापारियों ने टीम को सूचना दी कि ग्राम भिरेभाठ, थाना नंदिनी क्षेत्र में अवैध रूप से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक जर्दा युक्त पान मसाले का निर्माण किया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
जांच के दौरान पाया गया कि “मुसाफिर” ब्रांड नाम से जर्दा युक्त पान मसाले का निर्माण किया जा रहा था, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। मौके पर बड़ी मात्रा में तैयार माल भी मिला। टीम ने 51 कट्टी जर्दा युक्त पान मसाला जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख 18 हजार 240 रुपये बताई गई है। फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की गई, लेकिन वे उत्पाद के वास्तविक निर्माता के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके। निर्माणकर्ता की अनुपस्थिति और वैध दस्तावेजों के अभाव में यह स्पष्ट हुआ कि फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित की जा रही थी।
स्थिति को देखते हुए अभिहीत अधिकारी के निर्देश पर एरिया अधिकारी रिचा शर्मा ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 (संशोधित 2011) के तहत तत्काल प्रभाव से फैक्ट्री को सील कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे जांच जारी है और संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की इस कार्रवाई को सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जर्दा युक्त पान मसाला जैसे उत्पादों का अवैध निर्माण और बिक्री लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है, इसलिए ऐसे मामलों में लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के संदिग्ध खाद्य उत्पाद या अवैध निर्माण की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और जनस्वास्थ्य की रक्षा की जा सके।