Raigarh. रायगढ़। उद्यानिकी फसल उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को राज्य में लागू कर दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत रबी मौसम की प्रमुख उद्यानिकी फसलों को शामिल किया गया है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके। इस योजना के तहत टमाटर, बैंगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, आलू और प्याज जैसी प्रमुख उद्यानिकी फसलों को बीमा दायरे में रखा गया है।
रायगढ़ जिले के इच्छुक ऋणी एवं अऋणी किसान 31 दिसंबर 2025 तक अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। किसान लोक सेवा केंद्र, संबंधित बैंक शाखा, सहकारी समिति अथवा बीमा कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधियों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। बीमा कंपनी के जिला स्तरीय प्रतिनिधि संजीव कुमार साहू (मोबाइल नंबर 7489601443) से भी किसान सीधे संपर्क कर सकते हैं। उद्यान विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर बीमा प्रक्रिया पूरी करें।
अऋणी किसानों के लिए आवश्यक दस्तावेज
सहायक संचालक उद्यान, रायगढ़ ने जानकारी दी कि योजना में शामिल होने के लिए अऋणी कृषकों (भूधारक एवं बटाईदार) को घोषणा पत्र के साथ फसल बुआई प्रमाण-पत्र अथवा प्रस्तावित फसल बोने के आशय का स्व-घोषणा पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होगा। बीमा के लिए किसानों को कुल बीमित राशि का केवल 5 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा, जबकि शेष प्रीमियम राशि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा वहन की जाएगी। इससे कम लागत में किसानों को बड़ा सुरक्षा कवच मिलेगा।
ऋणी किसानों के लिए जरूरी सूचना
जो ऋणी किसान इस योजना में शामिल नहीं होना चाहते हैं, उन्हें बीमा आवेदन की अंतिम तिथि से सात दिवस पूर्व संबंधित बैंक में हस्ताक्षरित घोषणा पत्र जमा करना अनिवार्य होगा। यदि तय समय-सीमा में घोषणा पत्र जमा नहीं किया गया, तो संबंधित बैंक द्वारा रबी मौसम के लिए स्वीकृत या नवीनीकृत अल्पकालीन कृषि ऋण को अनिवार्य रूप से बीमाकृत कर दिया जाएगा।
किन आपदाओं पर मिलेगा बीमा लाभ
इस योजना के तहत किसानों को कई प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान पर बीमा लाभ मिलेगा। इनमें
तापमान में अत्यधिक उतार-चढ़ाव
कम या अधिक वर्षा
बेमौसम वर्षा
कीट एवं व्याधि अनुकूल मौसम
ओलावृष्टि
चक्रवाती हवाएं एवं तेज हवा की गति
यदि रबी मौसम में ओलावृष्टि या चक्रवाती हवाओं से फसल को नुकसान होता है, तो किसान 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-419-0344 पर सूचना दे सकते हैं। इसके अलावा लिखित सूचना संबंधित बैंक, स्थानीय राजस्व अधिकारी, उद्यानिकी या कृषि अधिकारी अथवा जिला उद्यान अधिकारी को भी दी जा सकती है।
एक ही फसल का एक बार बीमा
उद्यान विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसान अपने लगाए गए फसल रकबे का केवल एक बार ही बीमा आच्छादन ले सकते हैं। यदि एक ही रकबे का एक से अधिक बार बीमा पाया गया, तो बीमा कंपनी द्वारा ऐसे सभी दावे निरस्त कर दिए जाएंगे।
विकासखंड स्तर पर संपर्क अधिकारी नियुक्त
किसानों की सुविधा के लिए विकासखंड स्तर पर संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति की गई है—
घरघोड़ा: अरविंद पैंकरा (मो. 7828124106)
लैलूंगा: कविता पैंकरा (मो. 7694022446)
तमनार: संजय भगत (मो. 9617774178)
खरसिया: जयकिशन भारद्वाज (मो. 9977279570)
पुसौर: भूवनेश्वर बरेठ (मो. 799140231)
रायगढ़: सूरजभान सिंह सिदार (मो. 9406256367)
उद्यान विभाग ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे समय-सीमा के भीतर फसल बीमा कराकर प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले संभावित नुकसान से स्वयं को सुरक्षित करें। अधिक जानकारी के लिए किसान कार्यालय सहायक संचालक उद्यान, रायगढ़ से संपर्क कर सकते हैं।