होली के दिन रहेगा ड्राई डे

छग

Update: 2026-02-27 14:26 GMT
Mahasamund. महासमुंद। होली पर्व के अवसर पर 4 मार्च 2026 (बुधवार) को पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में शुष्क दिवस घोषित किया गया है। राज्य शासन के निर्देशों के अनुपालन में महासमुंद जिले में भी उक्त तिथि पर मदिरा के विक्रय, परिवहन एवं संव्यवहार पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। जिला प्रशासन ने इस संबंध में विस्तृत आदेश जारी कर सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को अनिवार्य रूप से बंद रखने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले में संचालित देशी एवं विदेशी मदिरा की समस्त फुटकर दुकानें,
रेस्टोरेंट
बार, होटल बार, क्लब तथा अनुज्ञापत्रधारी परिसर 4 मार्च को पूर्णतः बंद रहेंगे। इसमें सी.एस.-2 (घघ), सी.एस.-2 (घघ कम्पोजिट), एफ.एल.-1 (घघ), एफ.एल.-1 (घघ कम्पोजिट), सी.एस.-2 (ग-अहाता), सी.एस.-2 (ग-अहाता कम्पोजिट अहाता), एफ.एल.-1 (ख-अहाता), एफ.एल.-1 (कम्पोजिट अहाता), एफ.एल.-3 सहित देशी मद्य भंडारण भांडागार महासमुंद भी शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शुष्क दिवस के दौरान मदिरा का किसी भी प्रकार का विक्रय, परिवहन या लेन-देन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

इसके साथ ही व्यक्तिगत भंडारण तथा गैर-लाइसेंस प्राप्त परिसरों में शराब के संग्रहण पर भी सख्त रोक लगाई गई है। यदि किसी स्थान पर अवैध भंडारण पाया जाता है तो मदिरा की तत्काल जब्ती कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों विशेषकर आबकारी एवं पुलिस विभाग को निर्देशित किया है कि अवैध मदिरा के परिवहन और विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। संभावित ठिकानों, गोदामों और वाहनों की सघन जांच की जाएगी। त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष
निगरानी
दल तैनात किए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि होली जैसे बड़े पर्व के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। शुष्क दिवस घोषित करने का उद्देश्य सामाजिक समरसता को बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को कम करना है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे आदेश का पालन करें और अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा पर्व-त्योहारों के अवसर पर समय-समय पर शुष्क दिवस घोषित किया जाता है, ताकि सार्वजनिक व्यवस्था और शांति बनाए रखी जा सके। इस बार भी 4 मार्च को होली के रंगोत्सव के दिन पूरे राज्य में यही व्यवस्था लागू रहेगी।
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