उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के व्याख्याता आशीष देवांगन निलंबित

छग

Update: 2026-01-29 18:45 GMT
Mahasamund. महासमुंद। शासकीय आशीबाई गोलछा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ व्याख्याता आशीष देवांगन को छात्रों के साथ दुर्व्यवहार के गंभीर आरोपों में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा की गई है। लोक शिक्षण संचालनालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यालय की शाला प्रबंधन विकास समिति के सदस्य नीलम कुमार दीवान ने आशीष देवांगन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि शिक्षक द्वारा छात्र-छात्राओं के साथ
डांट-डपट
, मारपीट, कान मरोड़ने और सिर पर मारने जैसी अनुचित हरकतें की जाती थीं। शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए समिति का गठन किया गया। जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद संचालनालय ने शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया, लेकिन निर्धारित समय-सीमा में शिक्षक द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। जांच में दोषी पाए जाने पर यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना गया।


इसके आधार पर संचालनालय ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत शिक्षक को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान आशीष देवांगन का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, महासमुंद निर्धारित किया गया है। निलंबन के दौरान शिक्षक को जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि निलंबन आदेश की तामिली सुनिश्चित करें और संबंधित दस्तावेज एवं आरोप पत्र सात दिवस के भीतर संचालनालय को भेजें। शासनिक आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि छात्रों के साथ दुर्व्यवहार और अनुचित व्यवहार किसी भी शिक्षक के लिए स्वीकार्य नहीं है। इस कार्रवाई से यह संदेश भी जाता है कि शिक्षकों की जवाबदेही सुनिश्चित करने और छात्र सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए प्रशासन गंभीर है। जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद ने बताया कि विद्यालय और संचालनालय के निर्देशों का पालन कर निलंबन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उन्होंने अभिभावकों और छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार की घटनाओं की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें। संचालनालय ने कहा कि निलंबन आदेश शिक्षा व्यवस्था और छात्रों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विद्यालय स्तर पर सतर्कता और निगरानी बढ़ाई जाएगी।

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