जामा मस्जिद ट्रस्ट कमेटी के मुतवल्ली चुनाव विवाद पर हाईकोर्ट का बड़ा अंतरिम आदेश
छग
Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर की जामा मस्जिद ट्रस्ट कमेटी में मुतवल्ली चुनाव को लेकर चल रहे विवाद में महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने वक्फ बोर्ड द्वारा 4 मई, 5 मई और 7 मई 2026 को जारी आदेशों और नोटिस के प्रभाव एवं संचालन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने WPC नंबर 2559/2026 की सुनवाई के दौरान पारित किया। मामले में याचिकाकर्ता जोया खान ने छत्तीसगढ़ स्टेट वक्फ बोर्ड के आदेशों को चुनौती दी थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि वक्फ बोर्ड ने रायपुर के हलवाई लाइन स्थित जामा मस्जिद ट्रस्ट कमेटी में मुतवल्ली पद के चुनाव की प्रक्रिया मनमाने और अवैध तरीके से शुरू की है।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमृतो दास एवं अधिवक्ता श्रेयांश मेहता ने पक्ष रखते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आदेश और नोटिस नियमों के विपरीत जारी किए गए हैं। उन्होंने अदालत से मांग की कि मामले के अंतिम निर्णय तक इन आदेशों के क्रियान्वयन पर रोक लगाई जाए, ताकि किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या विधिक जटिलता उत्पन्न न हो। वहीं राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि वक्फ बोर्ड को संबंधित चुनाव प्रक्रिया और आदेश जारी करने का वैधानिक अधिकार प्राप्त है, इसलिए इन आदेशों को अवैध नहीं माना जा सकता। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि मामला मुतवल्ली चुनाव से जुड़ा हुआ है, जिसमें विस्तृत सुनवाई आवश्यक है। समय की कमी को देखते हुए कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 22 जून 2026 से शुरू होने वाले सप्ताह में निर्धारित की है। फिलहाल कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए वक्फ बोर्ड द्वारा जारी 4 मई, 5 मई और 7 मई 2026 के आदेशों एवं नोटिस के प्रभाव और संचालन पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। इस फैसले को मामले में महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है, जिससे चुनाव प्रक्रिया फिलहाल स्थगित हो गई है।