CBI मामले में भूपेश बघेल की याचिका पर सुनवाई अधूरी, अब 25 नवंबर को होगी सुनवाई
छग
Bilaspur. बिलासपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े CBI मामले में शुक्रवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई पूरी नहीं हो पाने के कारण प्रकरण को आगे बढ़ा दिया गया है और अगली सुनवाई के लिए 25 नवंबर 2026 की तारीख निर्धारित की गई है। यह मामला कथित मॉर्फ्ड सीडी प्रकरण से जुड़ा है, जिसमें भूपेश बघेल ने विशेष CBI अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट इससे पहले उनके खिलाफ ट्रायल कोर्ट की आगे की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा चुका है। भूपेश बघेल की ओर से दायर याचिका में विशेष CBI अदालत के 24 जनवरी 2026 के आदेश को चुनौती दी गई है। इस आदेश के जरिए विशेष अदालत ने उन्हें आरोपों से मुक्त करने वाले निचली अदालत के पूर्व आदेश को रद्द कर दिया था और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए निर्देश दिए थे। उपलब्ध कानूनी रिपोर्टों के मुताबिक हाईकोर्ट ने जुलाई 2026 में इस मामले में बघेल के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की आगे की कार्यवाही पर रोक लगाई थी।
मामला CBI बनाम कैलाश मुरारका एवं अन्य से संबंधित है। प्रकरण में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित अन्य लोगों से जुड़ी अलग-अलग याचिकाएं न्यायालय के समक्ष पहुंची हैं। सितंबर की शुरुआत में भी संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई निर्धारित थी, लेकिन उस समय सुनवाई पूरी नहीं हो सकी थी और मामला 25 सितंबर के लिए रखा गया था। प्रकरण में 4 मार्च 2025 को ट्रायल कोर्ट ने उपलब्ध दस्तावेजों और पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद भूपेश बघेल को आरोपों से मुक्त करने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ CBI ने पुनरीक्षण याचिका दायर की। इसके बाद 24 जनवरी 2026 को विशेष CBI अदालत ने पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया। विशेष अदालत के आदेश के बाद भूपेश बघेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनकी ओर से विशेष अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की गई। जुलाई में हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट में उनके खिलाफ आगे की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी थी।
शुक्रवार को एक बार फिर मामले की सुनवाई हुई, लेकिन बहस पूरी नहीं हो सकी। इसके चलते मामले को अगली तारीख के लिए आगे बढ़ाया गया है। अब 25 नवंबर 2026 को इस प्रकरण में आगे सुनवाई होगी। यह पूरा विवाद वर्ष 2017 के कथित मॉर्फ्ड सीडी प्रकरण से जुड़ा है। मामले में आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत से संबंधित एक कथित अश्लील मॉर्फ्ड वीडियो तैयार कर उसे प्रसारित किया गया था। इन आरोपों की जांच बाद में CBI ने की। हालांकि प्रकरण में आरोपों और कानूनी प्रक्रिया को लेकर विभिन्न पक्षों की ओर से अदालतों में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट के समक्ष वर्तमान विवाद मुख्य रूप से निचली अदालत द्वारा भूपेश बघेल को आरोपों से मुक्त करने और बाद में विशेष CBI अदालत द्वारा उस आदेश को पलटने से जुड़ा है। अब हाईकोर्ट में इसी आदेश की वैधानिकता पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल हाईकोर्ट में याचिका लंबित है और अंतिम निर्णय नहीं आया है। अगली सुनवाई 25 नवंबर को होने के बाद मामले की आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।