इंस्टाग्राम में लाइव आकर वीरेंद्र तोमर ने दिया ये बड़ा बयान

छग

Update: 2026-04-23 16:13 GMT
Raipur. रायपुर। रायपुर में सूदखोरी और अवैध हथियार रखने के मामले में आरोपी रहे वीरेंद्र सिंह तोमर ने जेल से रिहाई के बाद पहली बार सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। इस दौरान उसने अपने खिलाफ हुई पूरी कार्रवाई को साजिश करार देते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका यह लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। लाइव बातचीत के दौरान तोमर ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसके खिलाफ दर्ज मामले राजनीतिक दबाव में दर्ज किए गए हैं। उसने दावा किया कि उसे झूठे मामलों में फंसाया गया है और उसके खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह से एक साजिश का हिस्सा है। तोमर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके घर में खुद ही दस्तावेज और अवैध हथियार रखकर उसे फंसाया है।
वीरेंद्र सिंह तोमर ने भारतीय जनता पार्टी को लेकर भी नाराजगी जताई। उसने कहा कि उसने सत्ता तक पहुंचने में योगदान दिया था, लेकिन इसके बावजूद उसके साथ अन्याय हुआ और उसे अमानवीय व्यवहार का सामना करना पड़ा। उसने यह भी कहा कि राजनीतिक और सामाजिक रूप से उसकी बढ़ती लोकप्रियता कुछ लोगों को पसंद नहीं आई, जिसके चलते उसे निशाना बनाया गया। लाइव के दौरान तोमर ने यह भी दावा किया कि जेल में उसकी जान को खतरा था और यदि सच सामने नहीं आता तो उसकी हत्या भी हो सकती थी। उसने कहा कि उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और जेल के अंदर भी उसके साथ सही व्यवहार नहीं किया गया। तोमर ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
उसने कहा कि जिन अधिकारियों ने उसके खिलाफ कार्रवाई की है, उनके नाम सार्वजनिक किए जाएंगे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उसने यह भी कहा कि वह किसी भी दबाव में नहीं आएगा और न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा। लाइव वीडियो सामने आने के बाद यह तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत बचाव का प्रयास बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे गंभीर आरोपों के रूप में देख रहे हैं, जिनकी जांच आवश्यक है। सूत्रों के अनुसार, वीरेंद्र सिंह तोमर पहले भी सूदखोरी और अवैध हथियार रखने जैसे मामलों में गिरफ्तार रह चुका है। हाल ही में वह एक हत्या के मामले में अदालत से बरी भी हो चुका है। अब वह अन्य लंबित मामलों में भी कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात कह रहा है।
पुलिस प्रशासन की ओर से अभी इस लाइव बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों की जांच न्यायिक प्रक्रिया के तहत हुई है और आगे भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने रायपुर में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। एक ओर आरोपी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप हैं, तो दूसरी ओर पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई की वैधता पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में इस मामले में और भी बयान और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है। फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस पर अलग-अलग राय व्यक्त कर रहे हैं।
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