Baloda Bazar. बलौदाबाजार। जिले के पलारी थाना क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने फर्जी स्थानांतरण आदेश तैयार कर उसे असली दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ ग्रामीण चिकित्सा सहायक भी शामिल है। आरोपियों पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार करने, जाली हस्ताक्षर करने और धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक गौरव राय के मार्गदर्शन में थाना पलारी पुलिस ने शासकीय दस्तावेजों में कूटरचना, धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के खिलाफ यह कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
CMHO के नाम से बनाया गया था फर्जी आदेश
मामले की शुरुआत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी के खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. पंकज वर्मा की शिकायत से हुई। शिकायत में बताया गया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहांसी में पदस्थ ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण कुमार देवांगन द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) बलौदाबाजार कार्यालय का एक स्थानांतरण आदेश प्रस्तुत किया गया था। इस आदेश में करण कुमार देवांगन का स्थानांतरण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोपर, विकासखंड भाटापारा दर्शाया गया था। आदेश क्रमांक एच.एम./ए.आर./2026-27/1359 दिनांक 14 अगस्त 2026 अंकित था। जांच के दौरान पता चला कि CMHO कार्यालय द्वारा ऐसा कोई स्थानांतरण आदेश जारी ही नहीं किया गया था। साथ ही दस्तावेज में किए गए हस्ताक्षर भी फर्जी और कूटरचित पाए गए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि राज्य संवर्ग के कर्मचारियों का स्थानांतरण अधिकार क्षेत्र राज्य शासन के पास होता है। ऐसे में CMHO स्तर से इस प्रकार का आदेश जारी होना संभव नहीं था।
फर्जी दस्तावेज तैयार कर किया गया उपयोग
शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने पाया कि आरोपियों ने बेईमानी की नीयत से फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उन्हें वास्तविक सरकारी आदेश बताकर प्रस्तुत किया। इस आधार पर थाना पलारी में अपराध क्रमांक 347/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3), 337, 338, 340(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
पूछताछ में अपराध स्वीकार किया
मामले की गंभीरता को देखते हुए पलारी पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने फर्जी स्थानांतरण आदेश तैयार करने और उसमें सहयोग करने वाले चार आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने एक राय होकर इस अपराध को अंजाम देना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को 22 अगस्त 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
करण कुमार देवांगन पिता लहुर साय देवांगन, उम्र 44 वर्ष, निवासी मंगलम कॉलोनी बलौदाबाजार, थाना सिटी कोतवाली। पदस्थापना – ग्रामीण चिकित्सा सहायक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहांसी।
रवि कुमार सेन पिता नूतन लाल सेन, उम्र 43 वर्ष, निवासी कसडोल वार्ड क्रमांक 4 सिरपुर रोड एवं ग्राम कटगी थाना कसडोल।
पुनीराम पटेल पिता डेरहा राम पटेल, उम्र 51 वर्ष, निवासी ग्राम गिरौदपुरी अटल चौक के पास, थाना गिधौरी, चौकी गिरौदपुरी।
किशना उर्फ कृष्ण कुमार अवस्थी पिता स्वर्गीय कुंजराम अवस्थी, उम्र 53 वर्ष, निवासी ग्राम रिसदा गांधी चौक, थाना सिटी कोतवाली बलौदाबाजार।
पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है। आरोपियों से दस्तावेज तैयार करने, फर्जी हस्ताक्षर करने और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ पर सख्त कार्रवाई
बलौदाबाजार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस द्वारा ऐसे मामलों में तकनीकी जांच और दस्तावेजों की प्रमाणिकता की जांच कर कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से लाभ लेने वालों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
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