धान संग्रहण केंद्र में आग से 90 हजार का नुकसान, FIR दर्ज

छग

Update: 2026-05-26 15:53 GMT
Mahasamund. महासमुंद। महासमुंद जिले के बसना स्थित गढ़फुलझर धान संग्रहण केंद्र में आग लगने की घटना के बाद प्रशासन ने अज्ञात किसान के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इस आगजनी में करीब 90 हजार रुपये की सामग्री जलकर नष्ट हो गई। घटना के बाद थाना बसना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। प्रशासन ने किसानों से खेतों में आग नहीं लगाने और सावधानी बरतने की अपील की है।
जानकारी के अनुसार 25 मई को बसना क्षेत्र के गढ़फुलझर धान संग्रहण केंद्र में अचानक आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही केंद्र में मौजूद कर्मचारियों और चौकीदारों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि किसी अज्ञात किसान द्वारा खेत में लगाई गई आग तेज हवा के कारण फैलते हुए धान संग्रहण केंद्र तक पहुंच गई, जिससे वहां रखी अनुपयोगी सामग्री आग की चपेट में आ गई।
धान संग्रहण केंद्र के प्रभारी ने थाना बसना में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है। रिपोर्ट के मुताबिक आग लगने से लगभग 1 लाख 75 हजार अनुपयोगी और सड़ी-गली डनेज प्लास्टिक बोरियां जलकर नष्ट हो गईं। इन बोरियों की अनुमानित कीमत करीब 80 हजार रुपये बताई गई है। इसके अलावा लगभग 20 अनुपयोगी कैप कवर भी आग में जल गए, जिनकी कीमत करीब 10 हजार रुपये आंकी गई है। इस प्रकार कुल नुकसान लगभग 90 हजार रुपये का हुआ है।
केंद्र प्रभारी ने बताया कि दोपहर करीब 3 बजे दिन पाली में कार्यरत चौकीदार ने आग लगने की सूचना दी थी। सूचना मिलते ही कर्मचारियों ने तत्काल बोर और पानी की सहायता से आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलने लगी और स्थिति गंभीर हो गई। इसके बाद सरायपाली से दमकल वाहन बुलाया गया।
दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग को नियंत्रित कर लिया गया, जिससे धान संग्रहण केंद्र के अन्य हिस्सों और आसपास रखी सामग्री को बड़े नुकसान से बचाया जा सका। यदि आग और फैलती तो नुकसान कहीं अधिक हो सकता था।
घटना के बाद जिला प्रशासन और खाद्य विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात किसान के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने किसानों से खेतों में पराली या अन्य अवशेष जलाने से बचने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि गर्मी और तेज हवाओं के मौसम में खेतों में आग लगाने से आसपास के क्षेत्रों में भी बड़ा नुकसान हो सकता है। छोटी सी लापरवाही से सरकारी संपत्ति, फसल और लोगों की जान को खतरा हो सकता है।
जिला प्रशासन ने कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही खेतों में आग लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में किसानों और स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा का माहौल बना हुआ है। फिलहाल थाना बसना पुलिस मामले की जांच कर रही है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
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