Raipur रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील का असर अब राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्री पद के साथ मिलने वाली वीआईपी सुविधाओं और प्रोटोकॉल का उपयोग सीमित कर दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि सामान्य परिस्थितियों में वे न तो पायलट गाड़ी का उपयोग करेंगे और न ही फॉलो वाहन लेंगे।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “आर्थिक आत्मरक्षा” और संसाधनों की बचत की अपील से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही सरकारी प्रोटोकॉल और सुरक्षा वाहनों का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी संसाधनों का संयमित उपयोग समय की मांग है और इससे प्रशासनिक व्यवस्था में भी सरलता और पारदर्शिता बढ़ेगी। उनके इस फैसले को प्रशासनिक हलकों में एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।
इस निर्णय के बाद राज्य के अन्य मंत्रियों, निगम-मंडलों के अध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों पर भी इसी तरह की पहल अपनाने का दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सरकार की ओर से वीआईपी प्रोटोकॉल के उपयोग को लेकर नए दिशा-निर्देश भी जारी हो सकते हैं। ओ.पी. चौधरी का यह कदम राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है और इसे सरकारी खर्चों में कटौती तथा सादगीपूर्ण शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।