Raipur. रायपुर। खेती-किसानी के महत्वपूर्ण सीजन में खाद की कमी से जूझ रहे किसानों का गुस्सा गुरुवार को सड़क पर उतर आया। समोदा स्थित मेसर्स महानदी बीज भंडार में कृषि विभाग द्वारा जब्त की गई 35.05 मीट्रिक टन खाद की प्रस्तावित आम नीलामी अचानक स्थगित होने के बाद बड़ी संख्या में किसानों ने समोदा-लवन मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। किसानों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए खाद उपलब्ध कराने और मामले का जल्द समाधान करने की मांग की। जानकारी के अनुसार, कृषि विभाग ने कुछ समय पहले समोदा स्थित मेसर्स महानदी बीज भंडार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में खाद जब्त की थी। कार्रवाई के दौरान विभाग ने करीब 35.05 मीट्रिक टन खाद को सील कर दुकान को बंद कर दिया था। इसके बाद जब्त खाद की खुली नीलामी कराने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
विभाग की ओर से नीलामी की तारीख भी तय कर दी गई थी। नीलामी की सूचना मिलने के बाद आसपास के कई गांवों के किसान बड़ी संख्या में समोदा पहुंच गए थे। किसानों को उम्मीद थी कि नीलामी के माध्यम से खाद उपलब्ध हो सकेगी और वे अपनी फसलों के लिए समय पर खाद की व्यवस्था कर पाएंगे। लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद किसानों को जानकारी मिली कि दुकान संचालक या संबंधित पक्ष न्यायालय से स्टे ऑर्डर लेकर आ गया है, जिसके कारण नीलामी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
नीलामी रुकने की जानकारी मिलते ही किसानों में नाराजगी फैल गई। किसानों ने कृषि विभाग और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद बड़ी संख्या में किसान समोदा-लवन मुख्य मार्ग पर बैठ गए और सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोक दी। देखते ही देखते मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि वर्तमान समय में खेतों में फसल के लिए खाद की सबसे ज्यादा जरूरत है, लेकिन उन्हें सोसायटियों और बाजारों में पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पा रही है। ऐसे में प्रशासन द्वारा जब्त की गई खाद की नीलामी रोका जाना किसानों के साथ अन्याय है। किसानों ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है और किसानों को परेशान होना पड़ रहा है।
चक्काजाम के कारण समोदा-लवन मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। बसों, ट्रकों और अन्य यात्री वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई यात्रियों और वाहन चालकों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और आरंग पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान खाद वितरण और मामले के जल्द निपटारे की मांग पर अड़े रहे। किसानों का कहना है कि जब तक खाद उपलब्ध कराने को लेकर स्पष्ट व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं प्रशासन की ओर से पूरे मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय के आदेश और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। खाद की कमी और नीलामी प्रक्रिया को लेकर उठा यह विवाद एक बार फिर किसानों की समस्याओं को सामने ला रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन किसानों की मांगों को किस तरह पूरा करता है और जब्त खाद को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।