रिश्वत के आरोप के बाद किसान ने खाया जहर, नायब तहसीलदार पर 50 हजार मांगने का आरोप

छग

Update: 2026-06-19 18:42 GMT
Baloda Bazar. बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल क्षेत्र में एक किसान द्वारा जहर सेवन करने का मामला सामने आया है। किसान कमल ओगरे ने नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी पर ट्रैक्टर छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद मामला तूल पकड़ गया है और जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार यह घटना कसडोल विकासखंड के ग्राम चांटीपाली की है। किसान को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद उनकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई है और फिलहाल उनकी हालत में सुधार हो रहा है।
किसान के बेटे राज ओगरे ने आरोप लगाया है कि वह महानदी से ट्रैक्टर में रेत लेकर लौट रहा था, तभी नायब तहसीलदार ने उसे रोक लिया। उसके अनुसार ट्रैक्टर छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की गई। जब उसने पैसे देने से इनकार किया तो ट्रैक्टर को कसडोल थाने में खड़ा करवा दिया गया। परिजनों का कहना है कि इसी कार्रवाई के दौरान दो अन्य ट्रैक्टरों को भी रोका गया था, लेकिन कथित तौर पर लेन-देन के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, जबकि उनके ट्रैक्टर को जब्त रखा गया। इस पूरे घटनाक्रम से किसान परिवार मानसिक और आर्थिक तनाव में आ गया।
परिवार के अनुसार, कमल ओगरे पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। ट्रैक्टर जब्त होने और कथित रिश्वत की मांग से परेशान होकर उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तुरंत कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। सीएचसी कसडोल की बीएमओ वंदना भेले ने बताया कि किसान को समय पर इलाज मिल गया, जिससे उनकी जान बचाई जा सकी। फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर है और वे निगरानी में हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक संदीप साहू अस्पताल पहुंचे और पीड़ित किसान से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।
उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि किसी भी अधिकारी द्वारा अवैध वसूली या दबाव बनाया गया है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। विधायक ने यह भी कहा कि रेत परिवहन, ट्रैक्टर जब्ती और कथित लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच जरूरी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस मामले को कलेक्टर और संबंधित मंत्री के समक्ष भी उठाएंगे ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके। वहीं दूसरी ओर नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि रेत परिवहन को लेकर की गई कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत थी और किसी प्रकार की रिश्वत की मांग नहीं की गई है। उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
मामले के बढ़ते तूल को देखते हुए बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने एसडीएम को पूरे मामले की जांच कर तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब एसडीएम स्तर पर ट्रैक्टर जब्ती की प्रक्रिया, रेत परिवहन कार्रवाई, कथित रिश्वत मांगने के आरोप और किसान द्वारा जहर सेवन करने की परिस्थितियों की विस्तृत जांच की जाएगी। फिलहाल दोनों पक्षों के दावे एक-दूसरे के विपरीत हैं। एक ओर किसान परिवार रिश्वत मांगने का आरोप लगा रहा है, वहीं नायब तहसीलदार इसे पूरी तरह गलत बता रही हैं। इस पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि वास्तविक स्थिति क्या थी और किसी स्तर पर कोई अनियमितता हुई है या नहीं।
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