धान खरीदी केन्द्र पर हाथियों का हमला, बोरियों और फसलों को भारी नुकसान
छग
Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जंगली हाथियों की आवाजाही एक बार फिर किसानों और ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बन गई है। बीती रात जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर बंगुरसिया गांव स्थित धान खरीदी केन्द्र में तीन जंगली हाथियों ने घुसकर व्यापक नुकसान पहुंचाया। हाथियों ने केन्द्र में रखी 10 से अधिक धान की बोरियों को खाकर और इधर-उधर फैलाकर नष्ट कर दिया। इसके साथ ही पास के खेत में लगी एक किसान की सब्जी की फसल को भी रौंद दिया, जिससे आर्थिक क्षति और बढ़ गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का प्राथमिक आंकलन शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, इन दिनों रायगढ़ वन मंडल के पडिगांव परिसर में 31 हाथियों का दल विचरण कर रहा है।
माना जा रहा है कि इसी दल से अलग हुए तीन हाथी रात के समय भोजन की तलाश में बंगुरसिया धान खरीदी केन्द्र तक पहुंच गए। ग्रामीणों का कहना है कि धान खरीदी सत्र शुरू होने के बाद से हाथियों की गतिविधियां लगातार बढ़ी हैं। गांव के निवासियों के मुताबिक, 17 दिसंबर से अब तक कई बार हाथी धान खरीदी केन्द्र में घुस चुके हैं। इस दौरान 327 से अधिक धान की बोरियों को हाथियों ने खाकर या फैलाकर नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों ने बताया कि हर साल धान खरीदी के समय हाथियों का यह सिलसिला दोहराया जाता है, जिससे किसानों और समिति संचालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय किसानों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार होने वाले नुकसान से उनकी आजीविका पर असर पड़ रहा है। धान और सब्जी जैसी फसलों की क्षति से आर्थिक स्थिति डगमगा रही है। किसानों ने धान खरीदी केन्द्रों के आसपास मजबूत सुरक्षा इंतजाम, सोलर फेंसिंग और रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग उठाई है।
वन विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि नुकसान का विस्तृत सर्वे कर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और हाथियों की गतिविधियों की सूचना तुरंत देने की अपील की है। साथ ही, हाथियों को आबादी से दूर रखने के लिए निगरानी और बचाव उपायों को और मजबूत करने की बात कही है। एक आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन दिनों रायगढ़ जिले के जंगलों में कुल 113 जंगली हाथी अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हैं। इनमें रायगढ़ वन मंडल में 52 और धरमजयगढ़ वन मंडल में 62 हाथियों की मौजूदगी बताई जा रही है। इस दल में 26 नर, 57 मादा और 30 शावक शामिल हैं। हाथियों की बढ़ती संख्या और उनकी निरंतर आवाजाही के चलते मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ने की आशंका बनी हुई है।