Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में करंट की चपेट में आकर एक हाथी की हुई मौत के मामले में वन विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। मंगलवार को इस केस में फरार चल रहे दो और आरोपियों को वन अमले ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले तीन आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। अब तक इस मामले में कुल पांच शिकारी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। मामला तमनार रेंज के केराखोल गांव के राजस्व क्षेत्र का है, जहां कुछ शिकारियों ने जंगली सुअर का शिकार करने के उद्देश्य से खेतों में बिजली के करंट वाला तार बिछाया था। बीते सोमवार को उसी तार की चपेट में आकर एक हाथी की मौत हो गई थी। हाथी की लाश मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था।
प्रारंभिक जांच के दौरान वन अमले ने तीन आरोपियों वीर सिंह मांझी, बसंत राठिया और रामनाथ राठिया को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था। पूछताछ के दौरान अन्य दो आरोपियों बनाई गांव के देवनारायण राठिया और चिर्रामुड़ा के जयलाल मांझी के नाम सामने आए। इसके बाद से दोनों फरार चल रहे थे। वन विभाग की टीम लगातार दोनों की तलाश में दबिश दे रही थी। मंगलवार को सूचना मिली कि दोनों अपने गांव लौट आए हैं। इस पर रेंजर विजेन्द्र कुमार के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की और दोनों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने शिकार में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली।
वन अमले ने दोनों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। तमनार रेंजर विजेन्द्र कुमार ने बताया कि अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि, “इस प्रकरण में जांच जारी है, और भी लोग इसमें शामिल हो सकते हैं। फरार आरोपियों की तलाश में टीम लगातार काम कर रही है।” गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के कई जिलों में हाथियों की करंट लगने से मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों और किसानों से अपील की है कि वे फसलों या शिकार के लिए बिजली का नंगे तार न लगाएं। यह न केवल वन्यजीवों के लिए बल्कि इंसानों की जान के लिए भी खतरा है।