जमीन विवाद में बुजुर्ग किसान की नृशंस हत्या, नाबालिग सहित 7 गिरफ्तार

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Update: 2026-01-12 16:24 GMT
Mungeli. मुंगेली। जिले के लोरमी विकासखंड अंतर्गत लालपुर थाना क्षेत्र में जमीन विवाद ने एक बुजुर्ग किसान की जान ले ली। 9 जनवरी 2026 को 62 वर्षीय रामकुमार कश्यप की उनके ही चचेरे भाइयों और रिश्तेदारों ने बेरहमी से हत्या कर दी। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग सहित कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना ने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक रामकुमार कश्यप के नाम पर कुल 6.70 एकड़ पैतृक कृषि भूमि दर्ज थी, जिस पर वह पिछले लगभग 30 वर्षों से खेती-किसानी कर रहे थे। इसी जमीन को लेकर उनके चचेरे भाई परदेशी कश्यप के बेटे अयोध्या कश्यप द्वारा लंबे समय से हिस्सेदारी की मांग की जा रही थी। विवाद इतना बढ़ गया था कि इसे सुलझाने के लिए कई बार सामाजिक बैठकें भी आयोजित की गईं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।

जमीन विवाद के चलते रामकुमार कश्यप ने वर्ष 2019 में सिविल कोर्ट, लोरमी में मामला दायर किया था। इस प्रकरण में न्यायालय ने 30 दिसंबर 2025 को फैसला सुनाते हुए रामकुमार कश्यप और अयोध्या कश्यप दोनों को 6.70 एकड़ भूमि में से 3.35-3.35 एकड़ का अधिकारधारी माना। हालांकि, कब्जे को लेकर कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं हुआ था। इसी कारण रामकुमार कश्यप ने हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूरी जमीन पर धान की फसल बोई थी। धान की कटाई के बाद रामकुमार कश्यप ने खेत में गेहूं और बटरी की फसल बोई थी, जबकि मेड़ों पर अरहर की फसल लगाई गई थी। अरहर की फसल आंशिक रूप से पक चुकी थी और कुछ हिस्से की कटाई भी हो चुकी थी। इसी फसल को लेकर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

घटना 9 जनवरी की सुबह लगभग 9 बजे की है। मृतक के बेटे सुखदेव कश्यप जब खेत पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि अयोध्या कश्यप, अंकित, अन्नु, रामफल, कुंज बिहारी और नंदकुमार कश्यप खेत में लगी अरहर की फसल को हंसिया से काट रहे थे। वहीं संतोष कश्यप, धनराज कश्यप, राजू कश्यप, डोमन निषाद, राधेश्याम कश्यप और सुरेश कश्यप कटे हुए अरहर को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भर रहे थे। सुखदेव कश्यप द्वारा इसका विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान रामकुमार कश्यप भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने भी फसल काटने का विरोध किया। आरोप है कि इसके बाद सभी आरोपियों ने एकजुट होकर रामकुमार कश्यप पर लाठी-डंडे और तब्बल से जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर चोटों के चलते रामकुमार कश्यप की मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद भी आरोपियों की क्रूरता यहीं नहीं रुकी। आरोप है कि सभी आरोपी ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर रामकुमार कश्यप के शव के ऊपर ट्रैक्टर-ट्रॉली का पिछला पहिया चढ़ाते हुए बस्ती की ओर फरार हो गए। इस अमानवीय कृत्य ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही लालपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। जांच के दौरान रामफल कश्यप, धनराज कश्यप, राजू कश्यप, डोमन निषाद, नंदकुमार कश्यप और सुरेश चंद्राकर, सभी निवासी ग्राम बांधा, जिला मुंगेली को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा एक विधि से संघर्षरत बालक को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन विवादों की गंभीरता और उनसे उपजने वाली हिंसा की भयावह तस्वीर सामने रखती है।
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