दुर्ग पुलिस ने एन.डी.पी.एस. एक्ट विवेचना प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

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Update: 2026-02-07 17:17 GMT
Durg. दुर्ग। दुर्ग जिले में आज दिनांक 07.02.2026 को एन.डी.पी.एस. एक्ट के अंतर्गत मामलों की विवेचना की गुणवत्ता बढ़ाने हेतु एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पुरानी पुलिस लाइन स्थित दधीचि प्रशिक्षण हाल में आयोजित किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न थानों से लगभग 75 पुलिस अधिकारी और विवेचक शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य एन.डी.पी.एस. प्रकरणों में विधिसम्मत, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करना था।
प्रशिक्षण का शुभारंभ अभिषेक शांडिल्य, भापुसे., पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज ने किया। उन्होंने केस-स्टडी के माध्यम से विवेचना की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और विधिसम्मत कार्यवाही करने के संबंध में विवेचकों को मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन करना और साक्ष्य संकलन को न्यायालयीन दृष्टिकोण से त्रुटिरहित रखना आवश्यक है।
इसके बाद विजय अग्रवाल, भापुसे., उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दुर्ग ने नशीली टेबलेट और कैप्सूल से संबंधित मामलों में विवेचना के दौरान ध्यान देने योग्य बिंदुओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे विवेचना की गुणवत्ता को बढ़ाया जा सकता है और जप्त मादक पदार्थों को शीघ्र एफ.एस.एल. भेजना सुनिश्चित करना चाहिए।
डिप्टी डायरेक्टर (प्रॉसिक्यूशन) भीम सिंह राजपूत ने धारा 50, 55 और 57 एन.डी.पी.एस. एक्ट के प्रावधानों के पालन, जप्त माल की सुरक्षित अभिरक्षा, एफ.एस.एल. परीक्षण और चेन ऑफ कस्टडी बनाए रखने पर विशेष मार्गदर्शन दिया। उन्होंने एक से अधिक आरोपियों की स्थिति में धारा 29 के अंतर्गत कार्यवाही करने के निर्देश भी साझा किए।
सुनीता टोप्पो, विशेष न्यायाधीश (एन.डी.पी.एस.), दुर्ग ने सूक्ष्म साक्ष्यों के महत्व, दस्तावेजी साक्ष्य की शुद्धता और विवेचना के दौरान संपूर्ण विवरण स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड करने के संबंध में विवेचकों को मार्गदर्शन दिया। वहीं, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रवि कश्यप ने न्यायालयीन अपेक्षाओं के अनुरूप जांच प्रक्रिया को समझाया और विवेचना की बारीकियों पर प्रकाश डाला।
एफ.एस.एल. भिलाई के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी पंकज ताम्रकार ने नशीली टेबलेट और कैप्सूल से संबंधित मामलों में सैंपलिंग प्रक्रिया, घटनास्थल पर त्रुटिरहित दस्तावेजीकरण और जप्त मादक पदार्थ को शीघ्र एफ.एस.एल. भेजने के बारे में प्रशिक्षण दिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणिशंकर चन्द्रा ने नशीली टेबलेट/कैप्सूल प्रकरणों में चेन ऑफ कस्टडी बनाए रखने, जप्त माल की सुरक्षित अभिरक्षा और धारा 29 के प्रयोग से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने आगजनी और संपत्ति क्षति के विवरण और मर्ग जांच में परिस्थितिजन्य तथ्यों के उल्लेख पर भी विवेचकों को मार्गदर्शन दिया।
उप पुलिस अधीक्षक (लाइन) चन्द्रप्रकाश तिवारी ने समापन सत्र में सभी उपस्थित विवेचकों को एन.डी.पी.एस. प्रकरणों में विधिक प्रावधानों का पालन करते हुए निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज को नशामुक्त बनाने और दोषियों को न्यायालय से दंड दिलाने में सहायक होगा।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने समस्त विवेचकों से अपील की है कि वे एन.डी.पी.एस. एक्ट के मामलों में विधिक प्रावधानों का पूर्ण पालन करते हुए निष्पक्ष, सुदृढ़ और गुणवत्तापूर्ण विवेचना करें। साथ ही, जप्त मादक पदार्थों की सुरक्षित अभिरक्षा और एफ.एस.एल. परीक्षण सुनिश्चित करें ताकि अपराधियों को न्यायालय से दंड दिलाया जा सके और समाज को नशामुक्त रखने में प्रभावी योगदान दिया जा सके।
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