Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ में सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, गतिशीलता और पेपरलेस गवर्नेंस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई ई-ऑफिस प्रणाली के संचालन में दुर्ग जिले ने पूरे प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, ई-फाइल काउंट के मामले में दुर्ग जिला 9,957 फाइलों के साथ पूरे छत्तीसगढ़ में दूसरे स्थान पर काबिज हो गया है। यह उपलब्धि कलेक्टर अभिजित सिंह के कुशल मार्गदर्शन और निरंतर मॉनिटरिंग का परिणाम है। जिले में ई-ऑफिस प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण का प्रत्यक्ष परिणाम यह रहा कि कार्यालयीन फाइलों के निपटान में तेजी आई और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और समयबद्ध हुई। कलेक्टर अभिजित सिंह ने स्पष्ट किया कि ई-ऑफिस केवल एक सॉफ्टवेयर नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति में क्रांतिकारी बदलाव है। इस प्रणाली के माध्यम से आम जनता के कार्यों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित हो रहा है और सरकारी सेवा वितरण में दक्षता आई है।
प्रदेश स्तर पर ई-ऑफिस की स्थिति के अनुसार, सक्ती जिला इस प्रणाली में प्रथम स्थान पर है। सक्ती जिले को शासन ने ‘प्रयोग जिला’ के रूप में विकसित किया था, जहाँ प्रारंभिक दौर में तकनीक का व्यापक परीक्षण किया गया। इस मॉडल डिस्ट्रिक्ट पहल के कारण सक्ती जिले ने आंकड़ों में उल्लेखनीय बढ़त हासिल की। दुर्ग जिले ने अपनी सक्रियता, नियमित मॉनिटरिंग और बेहतर प्रशिक्षण रणनीति के माध्यम से बहुत कम समय में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। जिले में ई-ऑफिस प्रणाली को लागू करने के दौरान डिजिटल फाइलों का चलन बढ़ा और भौतिक फाइलों का प्रयोग कम हुआ। यह कदम प्रशासनिक प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाता है। कलेक्टर अभिजित सिंह ने यह भी कहा कि दुर्ग जिले के सभी सरकारी विभागों में अब प्राथमिकता डिजिटल फाइलों को दी जा रही है।
जिससे भविष्य में ‘जीरो पेंडेंसी’ के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। कि ई-ऑफिस प्रणाली न केवल सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाती है, बल्कि कर्मचारियों की कार्यक्षमता भी बढ़ाती है। डिजिटल फाइलों के माध्यम से कार्यालय में किसी भी दस्तावेज का वास्तविक समय में ट्रैकिंग संभव हो जाती है। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि नागरिकों को सेवाओं का समयबद्ध लाभ भी मिलता है। दुर्ग जिले की यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ शासन की दिशा और मंशा का स्पष्ट परिणाम है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस प्रणाली को तेजी से लागू करने के प्रयास जारी हैं। कलेक्टर अभिजित सिंह ने अधिकारियों से कहा कि तकनीक का सही उपयोग, समयबद्ध मॉनिटरिंग और नियमित प्रशिक्षण से ई-ऑफिस प्रणाली और अधिक प्रभावी बनाई जा सकती है। इस पहल के माध्यम से दुर्ग जिला एक उदाहरण बन गया है कि कैसे डिजिटल परिवर्तन और आधुनिक प्रशासनिक तकनीक का सही उपयोग सरकारी कामकाज में क्रांति ला सकता है। जिले के अधिकारी और कर्मचारी ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से फाइलों के निपटान, प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और जनता के लिए बेहतर सेवा सुनिश्चित करने में लगे हुए हैं।