रायपुर रेल मंडल में डुप्लीकेट एमएसटी टिकट गिरोह का खुलासा, चार छात्र पकड़े गए

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Update: 2026-04-28 15:11 GMT
Raipur. रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल में टिकट चेकिंग स्क्वाड की सक्रियता से डुप्लीकेट एमएसटी (छह माही) रेल टिकट बनाकर यात्रा करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। यह कार्रवाई 28 अप्रैल 2026 को ट्रेन संख्या 68705 (रायपुर–डोंगरगढ़ लोकल) में चलाए गए विशेष टिकट जांच अभियान के दौरान की गई। दुर्ग स्टेशन पर आयोजित किलाबंदी टिकट चेकिंग के दौरान यह मामला सामने आया। जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ टिकट एग्जामिनर श्रीमती प्रिया द्वारा जांच के दौरान एक यात्री के पास संदिग्ध एमएसटी टिकट पाया गया। गहन जांच करने पर टिकट डुप्लीकेट निकला। इसके बाद टीम ने सतर्कता बढ़ाते हुए अन्य संदिग्धों की जांच की, जिसमें एक संगठित तरीके से डुप्लीकेट टिकट बनाकर उपयोग करने का मामला उजागर हुआ।
जांच में सामने आया कि यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप के एमएसटी टिकट की इमेज का दुरुपयोग करते हुए फर्जी टिकट तैयार किए जा रहे थे। इन टिकटों को कई लोगों तक साझा कर यात्रा में इस्तेमाल किया जा रहा था। पूछताछ के दौरान शंकराचार्य कॉलेज के चार छात्र इस पूरे मामले में संलिप्त पाए गए। मुख्य आरोपी कुलदीप बिश्नोई (20 वर्ष) ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने ही फर्जी एमएसटी टिकट तैयार किया और इसे अपने दो साथियों के साथ साझा किया। इसके बाद यह टिकट अन्य लोगों तक भी पहुंचा। छात्रों ने यह भी बताया कि हर्ष नामक एक अन्य छात्र इन डुप्लीकेट टिकटों को यात्रियों को बेचने में शामिल था। हालांकि, हर्ष अभी तक पुलिस की पकड़ में नहीं आया है और उसकी तलाश जारी है।
इस कार्रवाई में पकड़े गए छात्रों में कुलदीप बिश्नोई (20 वर्ष), ओंकार (20 वर्ष), अखिलेश साहू (19 वर्ष) और राहुल साहू (20 वर्ष) शामिल हैं। सभी को पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई के लिए आरपीएफ दुर्ग को सौंप दिया गया है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी के निर्देश पर सहायक वाणिज्य प्रबंधक (कोचिंग) अविनाश कुमार आनंद, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक जितेंद्र प्रसाद, टाटा बाबू राव, अभिजीत डे, डिविजनल सीटीआई ए. जेना और सीटीआई जयंत बाघ सहित टिकट चेकिंग स्टाफ ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही टिकट खरीदें। यात्री रेलवे टिकट काउंटर, यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप, ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन या टिकट सुविधा केंद्र से ही टिकट लें। साथ ही किसी भी अनजान व्यक्ति से टिकट या एमएसटी खरीदने से बचें। इस कार्रवाई से रेल मंडल में फर्जी टिकट के जरिए यात्रा करने वाले लोगों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आगे भी इस तरह के विशेष अभियान चलाकर अनियमितताओं पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
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