DSP याकूब मेमन को मिली बड़ी राहत, रायपुर कोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

छग

Update: 2025-09-23 16:31 GMT
Raipur. रायपुर। बलरामपुर जिले में तैनात डीएसपी याकूब मेमन के खिलाफ महिला द्वारा दर्ज कराए गए दुष्कर्म मामले में रायपुर सत्र न्यायालय ने सोमवार को उन्हें अग्रिम जमानत प्रदान की। यह मामला तब सामने आया जब डीएसपी याकूब मेमन ने पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने महिला पर आर्थिक मदद के बहाने नजदीकियां बढ़ाने और मकान हड़पने की साजिश का आरोप लगाया था। इसके बाद महिला ने भी उनके खिलाफ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज कराया। बलरामपुर जिले में एसडीओपी पद पर तैनात
याकूब मेमन
पर आरोप है कि उन्होंने रायपुर में अपनी पोस्टिंग के दौरान महिला के साथ दुष्कर्म किया और बाद में अश्लील वीडियो बनाकर धमकाया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह टिकरापारा स्थित मेमन के मकान में किराए पर रहती थी और बलरामपुर में उनकी तैनाती के बाद भी उनके संपर्क में रही।

डीएसपी याकूब मेमन ने सरगुजा आईजी को दी शिकायत में दावा किया कि महिला ने उन्हें हनीट्रैप किया और वीडियो कॉल के दौरान उनका अर्धनग्न स्क्रीनशॉट लेकर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी। मेमन ने आरोप लगाया कि महिला ने अब तक उनसे डेढ़ लाख रुपये वसूल किए और मकान अपने नाम करने का दबाव बनाया। जब उन्होंने इन मांगों को ठुकराया तो महिला ने झूठा मामला दर्ज कराने की धमकी दी। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों को सुना गया। न्यायालय ने यह माना कि मामले में जमानत देने योग्य परिस्थितियां मौजूद हैं और इसलिए डीएसपी याकूब मेमन को अग्रिम जमानत प्रदान की गई। इस निर्णय के बाद अधिकारी जमानत पर बाहर हैं, लेकिन पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है।

टिकरापारा थाना में दर्ज केस में धारा 376 (दुष्कर्म) और संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने मामले की गहनता के कारण शुरुआती चरण में कई साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयान रिकॉर्ड किए हैं। पुलिस ने बताया कि जांच में महिला द्वारा प्रस्तुत किए गए सबूत और मेमन के हनीट्रैप के आरोपों को ध्यान में रखा जाएगा। बलरामपुर डीएसपी याकूब मेमन पर लगाए गए आरोपों ने जिले में चर्चा का विषय बना दिया है। अधिकारी और महिला दोनों के दावे गंभीर हैं, और अदालत ने दोनों पक्षों के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए न्यायिक प्रक्रिया के तहत अग्रिम जमानत का निर्णय दिया। इस मामले में पुलिस की भूमिका अत्यंत संवेदनशील मानी जा रही है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के चलते मामले की पूरी जांच आवश्यक है। पुलिस ने कहा कि जांच में सभी संभावित पहलुओं का निष्पक्ष और गहन मूल्यांकन किया जाएगा।
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