मंत्री के निर्देश पर डॉक्टर और नर्स हटाए गए

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Update: 2026-02-23 06:13 GMT

लखनपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कुन्त्री में प्रसव के दौरान नवजात की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस लापरवाही पर कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने संज्ञान लिया है। मंत्री ने अस्पताल पहुंचकर जायजा लिया और अधिकारियों को फटकार लगाते हुए दोषी स्टाफ पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रभारी बीएमओ विनोद भार्गव से इस बात पर नाराजगी जताई कि अस्पताल में स्वीपर (सफाई कर्मचारी) द्वारा प्रसव कराया गया, जिससे नवजात की जान चली गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सुविधाओं में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुन्त्री की जो नसें दूसरे केंद्रों में अटैच हैं, उन्हें तत्काल मूल पदस्थापना पर वापस बुलाने के लिए संभागीय संयुक्त संचालक को पत्र भेजा गया है।

ग्राम जमदरा निवासी गौरी यादव का विवाह सुपलगा में हुआ है। वह गर्भवती थी जिससे अपने मायके जमदरा आई हुई थी। 16 फरवरी की रात 11 बजे प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे कुन्नी अस्पताल ले गए। उस दौरान अस्पताल में न तो चिकित्सक थे और न ही स्टाफ नर्स। वहां केवल एक स्वीपर मौजूद था। स्वीपर खुद डॉक्टर बन गया और महिला को भर्ती कर लिया। 17 फरवरी को प्रातः सात बजे उसने प्रसव कराने का प्रयास किया, अनुभव नहीं होने के चलते स्वीपर सफल नहीं हो पाया और बच्चा गर्भ में ही फंस गया। कुछ देर बाद चिकित्सक पहुंचे और किसी प्रकार प्रसव कराया, मगर तब तक नवजात की सांसे थम चुकी थी। परिजनों ने कहा कि यदि अस्पताल में चिकित्सक मौजूद रहते तो संभवतः नवजात की मौत नहीं होती।

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