Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य शासन के CG VSK ऐप के माध्यम से हाजिरी दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस संबंध में जिले के सभी शासकीय प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के संस्था प्रमुखों को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि जो शिक्षक CG VSK ऐप पर उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं, उनसे लिखित स्पष्टीकरण लेकर निर्धारित समय सीमा में जिला शिक्षा कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही सभी शिक्षकों को नियमित रूप से ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिला शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार बेमेतरा जिले के चार विकासखंडों- बेमेतरा, बेरला, नवागढ़ और साजा में कुल 4,472 शिक्षक पंजीकृत हैं। इनमें से केवल 56.82 प्रतिशत शिक्षकों ने ही CG VSK ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जो कि विभाग के लिए चिंता का विषय है।
आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि 2,874 शिक्षकों ने उपस्थिति दर्ज की है, जबकि 1,598 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए हैं। इसके अलावा 659 शिक्षक ऐसे हैं जिन्होंने अब तक ऐप में पंजीकरण ही नहीं कराया है। वहीं 1,308 शिक्षक इनएक्टिव श्रेणी में दर्ज हैं, जिससे जिले की ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इन आंकड़ों के कारण बेमेतरा जिला राज्य स्तर की रैंकिंग में 29वें स्थान पर पहुंच गया है, जो शिक्षा विभाग के लिए संतोषजनक स्थिति नहीं मानी जा रही है। विभाग का कहना है कि डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था को लागू करने का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी संस्था प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति व्यवस्था को सख्ती से लागू करें। साथ ही जो शिक्षक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ जवाब तलब कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि CG VSK ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग लगातार इस प्रणाली की मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम से न केवल उपस्थिति में सुधार होगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही भी बढ़ेगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि शिक्षक नियमित रूप से स्कूल में उपस्थित रहें और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर कोई असर न पड़े।