कस्टम मिलिंग स्कैम में दीपेन चावड़ा गिरफ्तार, 7 दिन का पुलिस रिमांड

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Update: 2025-09-11 14:17 GMT
Raipur. रायपुर। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ई.ओ.डब्ल्यू.) ने कस्टम मिलिंग स्कैम से जुड़ी बड़ी कार्रवाई करते हुए दीपेन चावड़ा को गिरफ्तार कर 7 दिनों के पुलिस रिमांड पर लिया है। दीपेन चावड़ा अनवर ढेबर का करीबी सहयोगी बताया जा रहा है और उस पर आरोप है कि वह ई.ओ.डब्ल्यू. में दर्ज अन्य मामलों में लगभग 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध धनराशि का प्रबंधन करता रहा है। गिरफ्तारी के बाद यह साफ हुआ है कि स्कैम की जड़ें गहरी हैं और इसमें कई बड़े अधिकारियों की संलिप्तता सामने आ रही है।
कस्टम मिलिंग स्कैम में प्रारंभिक जांच के दौरान यह पाया गया कि दीपेन चावड़ा ने लोकसेवकों की ओर से लगभग 20 करोड़ रुपये की राशि एकत्र करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में पर्याप्त दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्राप्त हो चुके हैं, जो उसके खिलाफ अपराध की पुष्टि करते हैं। फरवरी 2025 में तत्कालीन प्रबंध संचालक मनोज सोनी और रोशन चंद्राकर के खिलाफ माननीय विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निरोधक) में चालान प्रस्तुत किया गया था। वहीं इस पूरे प्रकरण में अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर के खिलाफ विवेचना जारी है। ई.ओ.डब्ल्यू. की टीम लगातार साक्ष्य जुटा रही है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर रही है। पुलिस ने बताया कि दीपेन चावड़ा से रिमांड अवधि में विस्तृत पूछताछ की जाएगी, जिससे स्कैम में शामिल अन्य लोगों तक पहुँचा जा सकेगा।
ई.ओ.डब्ल्यू. के अधिकारियों का कहना है कि कस्टम मिलिंग स्कैम केवल आर्थिक अनियमितता नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण है। योजना के तहत आवंटित अनाज की आपूर्ति और उसके लेन-देन में व्यापक गड़बड़ियों के चलते करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। यह मामला राज्य में जनहित से जुड़ी योजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। दीपेन चावड़ा की गिरफ्तारी को इस मामले में महत्वपूर्ण सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान उससे वित्तीय लेन-देन, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका, बैंक खातों की जानकारी और फर्जी बिलों के संबंध में पूछताछ की जाएगी। साथ ही अधिकारियों ने बताया कि अवैध रूप से जमा की गई राशि को ट्रैक कर उसका पता लगाया जाएगा।
इस घटना ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई को और तेज कर दिया है। पुलिस और प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वहीं नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की जानकारी या संदिग्ध गतिविधियों का पता चलता है तो वे प्रशासन से संपर्क करें। कस्टम मिलिंग स्कैम में दीपेन चावड़ा की गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बड़े पैमाने पर आर्थिक अपराधों को रोकने के लिए जांच एजेंसियाँ पूरी तरह सक्रिय हैं। आगे की कार्रवाई में अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा और इस घोटाले से जुड़ी पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जाएगा। यह मामला भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा।
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