दीपक टंडन पर लगा 15 लाख की धोखाधड़ी का आरोप, पीड़ित ने SP से की शिकायत
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Power. सक्ती। सक्ती जिले के निवासी किशन शर्मा ने स्थानीय पुलिस अधीक्षक के पास दीपक उर्फ अंबेडकर टंडन के खिलाफ 15,00,000 रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराने हेतु शिकायत पत्र प्रस्तुत किया है। किशन शर्मा का आरोप है कि दीपक टंडन ने उन्हें शासन-प्रशासन में संबंध होने का हवाला देते हुए कोयले का बड़ा टेंडर दिलाने का झांसा देकर भारी रकम ठगी की। इस मामले में किशन ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की है। शिकायत के अनुसार, किशन शर्मा कोयले के व्यवसाय से जुड़ा हुआ है और उनकी मुलाकात मार्च 2022 में दीपक टंडन से हुई। दीपक ने खुद को बड़े लोगों में संबंध रखने वाला और प्रशासनिक व्यवस्था में प्रभावशाली बताते हुए किशन से कहा कि वह उन्हें कोयले का बड़ा टेंडर दिला सकता है। इसके एवज में किशन शर्मा ने दीपक टंडन को कुल 15,00,000 रुपये प्रदान किए।
शिकायत में किशन ने बताया कि भुगतान के समय दीपक ने उन्हें 4,00,000 रुपये का एचडीएफसी बैंक चेक क्रमांक "009268" और एक ब्लैंक चेक क्रमांक "000013" गारंटी के तौर पर दिया। दीपक ने कहा कि जब भी किशन चाहेंगे, वे ब्लैंक चेक का इस्तेमाल कर राशि निकाल सकते हैं। किशन ने पैसे देने के बाद कई महीनों तक बैंक खाता चेक नहीं किया। कुछ समय बाद जब किशन शर्मा ने एचडीएफसी बैंक से चेक की वैधता और खाता स्थिति की जानकारी ली, तो पता चला कि दीपक टंडन का बैंक खाता सालों पहले ही बंद हो चुका था। इससे स्पष्ट हुआ कि दीपक टंडन ने उन्हें धोखाधड़ी का शिकार बनाया है। किशन ने आरोप लगाया कि दीपक ने जानबूझकर उनके विश्वास का दुरुपयोग किया और ठगी की योजना बनाकर यह बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
शिकायत में किशन शर्मा ने पुलिस से अनुरोध किया है कि दीपक उर्फ अंबेडकर टंडन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 318 (धोखाधड़ी) के तहत अपराध दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए। उन्होंने कहा कि आरोपी द्वारा की गई यह धोखाधड़ी न केवल उनके व्यवसाय को प्रभावित कर रही है बल्कि मानसिक और आर्थिक रूप से उन्हें हानि पहुंचा रही है। इस मामले में पुलिस ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस टीम को निर्देश दिए गए हैं कि आरोपी की पहचान और तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। स्थानीय प्रशासन ने भी व्यापारी की सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के धोखाधड़ी के मामले आमतौर पर व्यापारिक लेनदेन में भरोसे का दुरुपयोग कर किए जाते हैं। व्यापारी समुदाय को इस तरह के धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहने और लेनदेन की वैधता की जांच करने की सलाह दी जाती है। किशन शर्मा ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि प्रशासनिक संबंध या प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम पर ठगी करने वाले अक्सर भरोसे को साधकर बड़े आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने सभी व्यापारियों से सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि मामले की पूरी जांच कर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोपी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर सजा और ठगी की राशि की वसूली सुनिश्चित की जाएगी।