डी. फार्मेसी का फर्जी मार्कशीट घोटाला, 4.80 लाख रुपए लेकर धोखाधड़ी का मामला दर्ज

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Update: 2025-10-09 18:28 GMT
Bhilai/Supela. भिलाई/सुपेला। स्मृति नगर भिलाई निवासी नितेश कुमार राजपूत ने डी. फार्मेसी की डिग्री दिलाने के नाम पर फ्रांसिस कुमार संचालक रिलायबल एजुकेशन सेंटर से लगभग 4.80 लाख रुपए देकर फर्जी मार्कशीट प्राप्त करने का आरोप लगाया है। शिकायत पर सुपेला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। नितेश कुमार राजपूत, उम्र 37 वर्ष, बारहवीं (बायोलॉजी) उत्तीर्ण, पिछले 12-13 वर्षों से स्मृति नगर भिलाई में प्राइवेट कामकाज कर रहे हैं। उनके बड़े भाई राकेश सिंह राजपूत डी. फार्मेसी करना चाहते थे। फ्रांसिस कुमार ने रिलायबल एजुकेशन सेंटर के नाम से संस्था संचालित कर दूरस्थ शिक्षा और अन्य माध्यम से विभिन्न कोर्स करवाने का दावा किया। नितेश को विश्वास दिलाया गया कि उनके भाई को मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय में डी. फार्मेसी में प्रवेश दिलवाया जाएगा।
पहली किस्त और आश्वासन
15 जून 2018 को नितेश ने दो लोगों के प्रवेश शुल्क के रूप में 1,20,000/- रुपये फ्रांसिस को पहली किस्त में दिए। फ्रांसिस ने प्रवेश पश्चात अल्टरनेट क्लास के माध्यम से पढ़ाई करवाने का आश्वासन दिया। कुछ समय बाद फ्रांसिस ने बताया कि स्टडी सेंटर और शिक्षकों की व्यवस्था जल्द ही कर दी जाएगी, लेकिन अल्टरनेट क्लास कभी नहीं लगी। इसके बाद फ्रांसिस ने द्वितीय वर्ष का प्रवेश शुल्क और परीक्षा शुल्क के नाम पर दो किस्तों में 2,40,000/- रुपये और प्राप्त किए। इस तरह नितेश से कुल 4,80,000/- रुपये लिए गए।
फर्जी मार्कशीट का खुलासा
वर्ष 2020 में फ्रांसिस ने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी से जारी होने का दावा करते हुए मार्कशीट प्रदान की। जाँच करने पर दोनों विश्वविद्यालयों से पता चला कि ये मार्कशीट फर्जी थीं। फ्रांसिस ने पहले विश्वास दिलाया कि दोनों विश्वविद्यालय मान्यता प्राप्त हैं।
पुलिस में शिकायत और वसूली का प्रयास
नितेश कुमार ने सुपेला पुलिस में शिकायत की। इसके बाद फ्रांसिस ने शेष पैसे लौटाने का आश्वासन देते हुए मार्च 2021 में 30,000/- रुपये और जुलाई 2021 में 4,00,000/- रुपये के चेक प्रदान किए। चेक बैंक में असफल हो गया और धनराशि नहीं लौटाई गई।
पुलिस कार्रवाई
सुपेला पुलिस ने फ्रांसिस कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि डिग्री और प्रवेश पत्र संबंधी किसी भी प्रस्ताव पर सावधानी बरतें। किसी भी एजुकेशन सेंटर या फर्जी डिग्री देने वाले संस्थान से वास्तविक विश्वविद्यालय और मान्यता की पुष्टि करना आवश्यक है।
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