CRPF जवान देवनारायण दर्रो को राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

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Update: 2025-12-16 16:39 GMT
Balod. बालोद। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के लांजी में तैनात सीआरपीएफ 7 बटालियन के जवान देवनारायण दर्रो की आज सुबह ड्यूटी के दौरान अचानक हार्टअटैक आने से मौत हो गई। उनके गृहनगर बालोद जिले के आमाडुला में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दुखद मौके पर तीन माह के मासूम बेटे ने अपने पिता को मुखाग्नि दी, और इस दौरान हर कोई भावुक हो उठा। जानकारी के अनुसार, देवनारायण दर्रो का परिवार काफी छोटा है। उनके पीछे ढाई साल की बेटी और लगभग तीन माह का बेटा है। जवान जनवरी में बेटे के छठे नामकरण समारोह के लिए छुट्टी पर घर आने वाले थे, लेकिन दुर्भाग्यवश उनका पार्थिव शरीर पहले ही गांव पहुंच गया।

वीर सैनिक को अंतिम विदाई “गॉड ऑफ ऑनर” के तहत दी गई। अंतिम संस्कार में स्थानीय लोग और परिवारजन शामिल हुए और उन्होंने नम आंखों से जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की। गांव में मातम छा गया और सभी लोग सुबह से ही पार्थिव शरीर के इंतजार में जुट गए। जानकारी के अनुसार, देवनारायण दर्रो आज सुबह अपनी कम्पनी में ड्यूटी के लिए तैयार हो रहे थे, तभी अचानक उनका हार्टअटैक आ गया। जैसे ही उनकी हालत का पता चला, कम्पनी के हेड और अन्य जवान तुरंत उन्हें हॉस्पिटल ले गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जवान की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने नम आंखों से अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर का इंतजार किया। सीआरपीएफ जवान देवनारायण को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई, जिसमें उनके साथी जवानों ने भी हिस्सा लिया।

इस दुखद घटना से जवान के परिवार पर गहरा असर पड़ा है। तीन माह के मासूम बेटे ने अपने पिता को मुखाग्नि दी, जबकि परिवार और गांव के लोगों की आंखें नम थीं। ग्रामीणों ने वीर सैनिक के योगदान और साहस की सराहना की। देवनारायण दर्रो का जीवन और सेवाएं देश के लिए प्रेरणादायक रही। उनके साहस और त्याग को याद करते हुए ग्रामीणों और अधिकारियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। परिवार ने भी अपने प्रिय जवान के साहस और सेवा भावना को सलाम किया। सीआरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि
देवनारायण दर्रो
का ड्यूटी के दौरान हार्टअटैक से निधन होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। जवान की मौत से उनके साथियों में भी शोक की लहर दौड़ गई। अधिकारी और साथी जवान उनके योगदान और बहादुरी को याद करते हुए परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दे रहे हैं। इस घटना ने देश और राज्य में सैनिकों के संघर्ष और त्याग की महत्वपूर्ण भूमिका को एक बार फिर उजागर किया है। देवनारायण दर्रो को उनकी सेवाओं और साहस के लिए हमेशा याद किया जाएगा।
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