LLB छात्रों की पढ़ाई पर संकट! 6 शिक्षकों का तबादला होते ही मचा हड़कंप
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Dhamtari. धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीजी कॉलेज) के विधि संकाय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कॉलेज में एलएलबी की पढ़ाई कराने वाले छह शिक्षकों का एक साथ नवीन महाविद्यालय कुरूद स्थानांतरण किए जाने से विद्यार्थियों में भारी नाराजगी है। अचानक जारी हुए इस आदेश के बाद छात्रों को अपनी पढ़ाई और आगामी परीक्षाओं की चिंता सताने लगी है। शिक्षकों के तबादले का विरोध करते हुए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं नगर निगम कार्यालय पहुंचे और महापौर रामू रोहरा को ज्ञापन सौंपकर स्थानांतरण आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
जानकारी के अनुसार, जिला कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश में शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विधि संकाय में अध्यापन कार्य कर रहे छह शिक्षकों को नवीन महाविद्यालय कुरूद स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है। आदेश की जानकारी मिलते ही एलएलबी के छात्र-छात्राओं में असंतोष फैल गया। विद्यार्थियों का कहना है कि कॉलेज में नियमित रूप से पढ़ाने वाले यही छह शिक्षक हैं। ऐसे में सभी शिक्षकों का एक साथ स्थानांतरण होने से विधि संकाय की शैक्षणिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
छात्रों ने बताया कि कानून की पढ़ाई में नियमित कक्षाओं और विषयों की गहन समझ का विशेष महत्व होता है। विधि संकाय में विभिन्न कानूनी विषयों का अध्ययन कराया जाता है, जिनके लिए अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन जरूरी है। यदि सभी छह शिक्षकों को एक साथ दूसरे महाविद्यालय भेज दिया जाता है, तो विद्यार्थियों के सामने पाठ्यक्रम पूरा करने की चुनौती खड़ी हो सकती है। विद्यार्थियों ने आशंका जताई है कि शिक्षकों की कमी के कारण नियमित कक्षाएं प्रभावित होंगी और आगामी परीक्षाओं की तैयारियों में भी परेशानी आएगी। छात्रों का कहना है कि वे पहले से निर्धारित शैक्षणिक कार्यक्रम के अनुसार अपनी पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन अचानक हुए इस फैसले ने उनके सामने अनिश्चितता की स्थिति पैदा कर दी है।
इसी समस्या को लेकर एलएलबी के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में नगर निगम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने महापौर रामू रोहरा से मुलाकात कर अपनी परेशानियां बताईं। विद्यार्थियों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि छह शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश को तत्काल निरस्त अथवा स्थगित किया जाए, ताकि कॉलेज में पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रह सके। छात्रों ने यह भी मांग उठाई कि नवीन महाविद्यालय कुरूद में शिक्षकों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए अलग से नई नियुक्तियां की जाएं। उनका कहना है कि एक कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था मजबूत करने के लिए दूसरे कॉलेज की पढ़ाई प्रभावित करना उचित नहीं है। दोनों महाविद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
विद्यार्थियों की समस्याएं सुनने के बाद महापौर रामू रोहरा ने मामले को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में धमतरी कलेक्टर से चर्चा की जाएगी और विद्यार्थियों के हित में समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही स्थानांतरण आदेश पर रोक लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। फिलहाल महापौर के आश्वासन से विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, स्थानांतरण आदेश पर रोक लगने या उसमें संशोधन किए जाने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अब छात्र-छात्राओं की नजर जिला प्रशासन के अगले निर्णय पर टिकी हुई है। विद्यार्थियों का कहना है कि उनकी प्राथमिकता नियमित पढ़ाई जारी रखना और समय पर पाठ्यक्रम पूरा करना है।