Bilaspur. बिलासपुर। जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश और कलेक्टर संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे अभियान के तहत राजस्व, खनिज और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में दबिश देकर अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार लगभग डेढ़ दर्जन अधिकारियों की संयुक्त टीम ने तखतपुर, काठकोनी, भरनी, चोरभट्ठी, गनियारी, नेवरा, टांडा, अमने, मंगला और धुरिपारा क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्थानों पर अवैध रूप से मुरुम और रेत का उत्खनन एवं परिवहन करते हुए वाहन पाए गए।
नेवरा क्षेत्र में जांच के दौरान मुरुम के अवैध उत्खनन और परिवहन में उपयोग की जा रही एक चैन माउंटेन मशीन और दो हाइवा वाहनों को जब्त किया गया। वहीं तखतपुर क्षेत्र में मुरुम परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा गया। इसी तरह मंगला और धुरिपारा क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त दो ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त किए गए। इस प्रकार कुल 6 वाहनों को जब्त कर संबंधित थाना क्षेत्रों- सकरी, कोटा और कोनी की अभिरक्षा में रखा गया है। इसके अलावा एक चैन माउंटेन मशीन को मौके पर ही सील कर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई खनिज संपदा के अवैध दोहन को रोकने और नियमों के उल्लंघन पर सख्ती सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन और परिवहन पर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। संयुक्त टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में खनिज माफियाओं में हड़कंप की स्थिति देखी गई। कई स्थानों पर अवैध उत्खनन गतिविधियां रोक दी गईं और वाहन चालक मौके से फरार हो गए। खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से यह भी कहा है कि आगे भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे। जिन क्षेत्रों में अवैध खनन की शिकायतें मिलेंगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध खनन या परिवहन की जानकारी मिले तो तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।