रजत जयंती राज्योत्सव 2025 में भ्रष्टाचार, बिना निविदा एक ही फर्म स्वाति मैंनेजमेंट को करोड़ों का भुगतान हुआ
नया रायपुर। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस रजत जयंती राज्योत्सव 2025 के अंतर्गत नया रायपुर में कराए गए स्टॉल निर्माण एवं प्रदर्शनी कार्यों को लेकर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान सहित कई विभागों के अधिकारियों की आपसी मिलीभगत से शासन की निविदा प्रक्रिया को दरकिनार कर एक ही फर्म को बार-बार कार्य आवंटित किया गया। इस पूरे कथित भ्रष्टाचार का खुलासा आरटीआई कार्यकर्ता आशीष देव सोनी द्वारा किया गया है।
गौरतलब है कि 2018 - 19 से ही भूपेश सरकार के संरक्षण से ही उपरोक्त कंपनी बेहिसाब अनाब-सनाब टेंडर उठा रही है और कांग्रेसी नेता संस्था के संरक्षक बनकर इस बड़े घोटाले में संलिप्त है। बड़े मजे की बात यह है कि टेंडर में सभी कंपनियों के मालिक और GST का पंजीयन एक ही पते पर होना पाया गया। इसकी जांच शासन द्वारा किया जाना चाहिए। आगे लगातार ऐसी भ्र्ष्ट संस्थाओं द्वारा शासन को चुना लगाकर करोड़ों का टेंडर अपने नाम कर बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया। सभी घोटाले का खुलासा सिलसिलेवार आगे जनता से रिश्ता अखबार द्वारा किया जाएगा।
दस्तावेज़ों में जिक्र
1. राज्योत्सव–2025 (रजत जयंती वर्ष) के दौरान अधिकांश कार्य एक ही फर्म को दिए गए।
2. फर्म मेसर्स स्वाती मैनेजमेंट को विभिन्न विभागों द्वारा कार्य आवंटित किया गया।
3. आरोप है कि ये कार्य राजनीतिक दबाव, आपसी सांठगांठ अथवा मोटे कमीशन के बदले दिए गए।
4. कार्य आवंटन में छत्तीसगढ़ भंडार क्रय अधिनियम, 2002 के प्रावधानों की खुलेआम अनदेखी की गई।
5. लाखों रुपये के कार्य केवल तीन कोटेशन के आधार पर कराए गए तथा भुगतान भी कर दिया गया।
6. छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा लगभग 25 लाख रुपये का कार्य स्वाति मैनेजमेंट को दिया गया।
7. लोक निर्माण विभाग द्वारा लगभग 50 लाख रुपये का कार्य उसी फर्म को प्रदान किया गया।
8. आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा लगभग 56 लाख रुपये का कार्य दिया गया।
9. स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी लगभग 58 लाख रुपये का कार्य केवल तीन कोटेशन के आधार पर स्वीकृत किया गया।
10. भंडार क्रय अधिनियम के अनुसार निर्धारित सीमा से अधिक राशि के कार्य इस प्रकार कराना नियम विरुद्ध बताया गया है।
11. आरोप है कि पृथक–पृथक विभागों द्वारा तगड़ा कमीशन खाने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये के कार्य खंड-खंड कर एक ही फर्म को आवंटित किए गए।
12. कार्य पूर्ण कराकर संबंधित फर्म को भुगतान भी कर दिया गया।
13. दस्तावेज़ों में यह भी उल्लेख है कि पूर्व में भी स्वाति मैनेजमेंट द्वारा लोक निर्माण विभाग एवं सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, रायपुर से इसी प्रकार की धोखाधड़ीपूर्ण प्रक्रिया के माध्यम से कार्य प्राप्त किए गए थे।