आयुष उपचार पर बढ़ा भरोसा: बिना ऑपरेशन युवक पूरी तरह स्वस्थ हुआ

छग

Update: 2025-11-14 18:16 GMT
Raigarh. रायगढ़। रायगढ़ जिले के पुसौर में आयुष चिकित्सा की प्रभावशीलता एक बार फिर प्रमाणित हुई है। यहां 24 वर्षीय युवक का गंभीर मूत्रमार्ग अवरोध (मुत्रकृच्छ) आयुर्वेद और पंचकर्म पद्धति से बिना किसी शल्यक्रिया के सफलतापूर्वक ठीक किया गया। युवक कई महीनों से बुखार, पेट में दर्द, पेशाब में जलन और पेशाब पूरी तरह न होने जैसी समस्याओं से जूझ रहा था। उसने लगातार आधुनिक चिकित्सा उपचार और संक्रमणरोधी दवाइयाँ लीं, लेकिन अस्थायी राहत मिलने के बाद समस्याएँ फिर लौट आतीं। विशेषज्ञ जांच में मूत्रमार्ग में संकुचन की पुष्टि हुई और शल्यक्रिया की सलाह दी गई। इतनी कम उम्र में ऑपरेशन का डर युवक और उसके परिवार को असहज कर रहा था।

इसी बीच, युवक डॉ. देवाशीष रॉय चौधरी के पुसौर स्थित आयुष उपचार केंद्र में परामर्श के लिए पहुँचा। परीक्षण के बाद चिकित्सक ने इसे मूत्रकृच्छ का मामला माना और आयुष पद्धति से उपचार शुरू किया। उपचार में शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई पित्त दोष शांत करने वाली और मूत्रमार्ग अवरोध दूर करने वाली दवाइयाँ नियमित रूप से दी गईं। इसके साथ ही पंचकर्म विधि के अंतर्गत महाचन्दनादि तेल से उत्तरबस्ती उपचार साप्ताहिक रूप से किया गया। उपचार प्रक्रिया में सभी चिकित्सकीय सावधानियों का कड़ाई से पालन किया गया।

लगभग दो महीने की व्यवस्थित चिकित्सा के बाद युवक पूरी तरह स्वस्थ हो गया। उसकी पेशाब की परेशानी, पेट दर्द और जलन जैसी समस्याएँ पूरी तरह समाप्त हो गईं। युवक और उसके परिवार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बिना शल्यक्रिया केवल आयुष चिकित्सा से ठीक होना उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं। इस सफल उपचार से आयुष पद्धति और पंचकर्म चिकित्सा के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है। पुसौर स्थित विशेष चिकित्सा केंद्र में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

चिकित्सक डॉ. देवाशीष रॉय चौधरी ने बताया कि इस तरह के मामलों में आयुर्वेद और पंचकर्म की संयोजित विधि शरीर की स्वाभाविक शक्ति और संतुलन को सक्रिय कर रोग को जड़ से समाप्त करने में सक्षम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि आयुष उपचार को अपनाने में हिचकिचाएँ न करें और समय पर चिकित्सक से परामर्श लें। इस घटना ने जिले में आयुष और पंचकर्म चिकित्सा की लोकप्रियता बढ़ाई है और लोगों में विश्वास जगाया है कि आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ आयुष उपचार भी गंभीर बीमारियों में कारगर समाधान प्रदान कर सकता है।
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