Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। प्रशासनिक तत्परता और जनदर्शन की प्रभावशीलता का एक उत्कृष्ट उदाहरण सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में देखने को मिला। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के निर्देश पर जनदर्शन में की गई शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने सार्वजनिक मुक्तिधाम पर किए गए अवैध कब्जे को जेसीबी से हटवाया। यह कदम स्थानीय ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि अब मृतकों के अंतिम संस्कार और दहन स्थल तक जाने में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। ग्राम पंचायत मोहतरा (न) के सरपंच ने बीते दिनों कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन प्रस्तुत कर बताया था कि गांव के सार्वजनिक मुक्तिधाम क्षेत्र पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। इससे ग्रामीणों को न केवल अंतिम संस्कार के दौरान दिक्कत हो रही थी।
बल्कि मुक्तिधाम की मरम्मत और अहाता निर्माण जैसे कार्य भी बाधित हो रहे थे। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सरसीवा तहसीलदार आयुष तिवारी को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद तहसीलदार अपने राजस्व अमले और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान कब्जे की पुष्टि होने पर प्रशासन ने जेसीबी मशीन की मदद से अवैध निर्माण को ध्वस्त कराया और मुक्तिधाम की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान ग्राम पंचायत के पदाधिकारी, ग्रामीण और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने कलेक्टर और तहसीलदार का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रशासनिक हस्तक्षेप उनके लिए बहुत जरूरी था, क्योंकि यह स्थान पूरे गांव की आस्था और सामाजिक भावना से जुड़ा है।
तहसीलदार आयुष तिवारी ने बताया कि मुक्तिधाम पर कब्जा हटाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और अब पंचायत स्तर पर अहाता निर्माण व परिसर के सौंदर्यीकरण की कार्यवाही शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा न हो और सभी नागरिकों को उनकी सुविधा के अनुरूप व्यवस्था मिले। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि जनदर्शन कार्यक्रम का उद्देश्य ही यही है कि आम जनता की शिकायतों पर त्वरित और प्रभावी समाधान मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की देरी न हो और सभी स्तरों पर पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की जाए। प्रशासन की इस पहल से मोहतरा सहित आसपास के गांवों में संतोष और भरोसे का माहौल बना है। ग्रामीणों का कहना है कि जनदर्शन जैसे कार्यक्रमों से उनकी आवाज सीधे प्रशासन तक पहुंच रही है और उनके मुद्दों पर तत्काल समाधान देखने को मिल रहा है।