कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने सारंगढ़ में संचालित संस्थाओं का किया आकस्मिक निरीक्षण
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Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़–बिलाईगढ़। जिले में संचालित सामाजिक और शैक्षणिक संस्थाओं की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने गुरुवार को जिला मुख्यालय सारंगढ़ में कई संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वृद्धजनों, छात्राओं और महिला सहायता केंद्र से जुड़ी व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने सबसे पहले आशा निकेतन वृद्धा आश्रम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आश्रम में रह रहे सभी वृद्धजनों से आत्मीय बातचीत कर उनके खान-पान, स्वास्थ्य एवं दैनिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने वृद्धजनों की सेहत को ध्यान में रखते हुए पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सप्ताह में कम से कम एक बार चिकित्सकों द्वारा नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि बुजुर्गों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समय पर समाधान किया जा सके।
इसके अलावा कलेक्टर ने वृद्धजनों के मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक वातावरण के लिए उनके धर्म के अनुरूप गीत-संगीत और भजन-कीर्तन साउंड बॉक्स के माध्यम से नियमित रूप से चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे वृद्धजनों को मानसिक शांति मिलेगी और आश्रम का वातावरण भी अधिक सकारात्मक बनेगा। निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा एवं समाज कल्याण विभाग के विनय तिवारी उपस्थित रहे। इसके पश्चात कलेक्टर ने पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित कन्या छात्रावास, सारंगढ़ का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता, रसोईघर में रखे खाद्य सामग्री की स्थिति एवं सामग्री की एक्सपायरी डेट की बारीकी से जांच की। निरीक्षण के दौरान चावल की एक बोरी फटी हुई पाई गई, जिस पर कलेक्टर ने चावल को नमी से बचाने के लिए ड्रम में सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने छात्रावास में निवासरत छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। विशेष रूप से उन्होंने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर छात्राओं से चर्चा की और उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने तथा अच्छा प्रतिशत लाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा भी उपस्थित रहीं। इसके बाद कलेक्टर ने सखी वन स्टॉप सेंटर, सारंगढ़ का निरीक्षण किया। उन्होंने अब तक दर्ज प्रकरणों, डेली रजिस्टर एवं काउंसलिंग प्रक्रिया से संबंधित अभिलेखों की जांच की। सखी सेंटर में अब तक कुल 45 प्रकरण पंजीकृत पाए गए। कलेक्टर ने सेंटर के सूचना पटल पर सभी आवश्यक हेल्पलाइन नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को समय पर सहायता मिल सके। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी संस्थानों में व्यवस्थाएं पारदर्शी और संवेदनशील बनी रहें, जिससे आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो सकें।