Sarangarh Bilaigarh. सारंगढ़ बिलाईगढ़। जिला दंडाधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे ने समारू जांगड़े, पिता हिरा जांगड़े, निवासी ग्राम नगरदा, थाना बिलाईगढ़ को छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 6 (ग) के तहत 1 वर्ष के लिए जिला बदर (Exile) करने का आदेश जारी किया है। समारू जांगड़े को पहले भी 6 बार जुआ खेलते हुए पकड़ा जा चुका है और उसकी सक्रियता स्थानीय कानून व्यवस्था के लिए खतरा मानी जा रही थी। जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, समारू जांगड़े को जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ और समीपवर्ती जिलों—रायगढ़, सक्ती, जांजगीर चांपा, बलौदाबाजार भाटापारा और महासमुंद—की सीमाओं में 1 वर्ष की काल अवधि के लिए प्रवेश करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही न्यायालय ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि निष्कासित अवधि में वह किसी भी दशा में इन जिलों में प्रवेश नहीं कर सकता है, जब तक कि उसे पूर्व अनुमति न प्राप्त हो।
जिला दंडाधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे ने बताया कि समारू जांगड़े की गतिविधियों ने स्थानीय समाज और कानून व्यवस्था को प्रभावित किया है। जिले में बार-बार जुआ खेलने और अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के कारण उसे जिला बदर करना आवश्यक हो गया। यह कदम समाज में अनुशासन और कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। समारू जांगड़े के खिलाफ यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के तहत की गई है। धारा 6 (ग) के तहत ऐसे व्यक्तियों को स्थानीय सुरक्षा और सार्वजनिक शांति को बनाए रखने के लिए जिला से निष्कासित किया जा सकता है। इससे पहले भी समारू जांगड़े पर कई बार जुआ, अवैध गतिविधियों और सामाजिक अशांति फैलाने के आरोप दर्ज हो चुके हैं।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निष्कासित व्यक्ति से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या प्रशासन को दें। इससे जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर नियंत्रण करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि जिले में जुआ और अन्य अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए इस तरह की सख्त कार्रवाई जरूरी है। जिला बदर के आदेश से न केवल समारू जांगड़े को अनुशासन में लाया जाएगा, बल्कि अन्य संभावित अपराधियों के लिए भी यह एक चेतावनी का संदेश होगा। इस आदेश के लागू होने के बाद पुलिस प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने कहा है कि वे जिले में कानून और शांति बनाए रखने के लिए सतत निगरानी रखेंगे। समारू जांगड़े के निष्कासन से संबंधित सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और किसी भी उल्लंघन की स्थिति में कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की यह कार्रवाई स्थानीय नागरिकों के लिए एक राहत की खबर मानी जा रही है, क्योंकि इससे इलाके में अपराध और अवैध गतिविधियों पर कड़ी रोक लगेगी और समाज में शांति कायम रहेगी।