Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़ बिलाईगढ़। जिले को कुष्ठ रोग से मुक्त बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने व्यापक स्तर पर सघन कुष्ठ खोज अभियान शुरू किया है। इस अभियान को लेकर कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने वीडियो संदेश जारी कर जिले के नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि 15 जून से 15 जुलाई तक पूरे जिले में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य घर-घर जाकर संभावित कुष्ठ रोगियों की पहचान करना और समय पर इलाज उपलब्ध कराना है। कलेक्टर ने अपने संदेश में बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार गांव-गांव और वार्ड-वार्ड जाकर लोगों से संपर्क कर रही हैं। इस दौरान प्रारंभिक लक्षणों की पहचान की जा रही है ताकि बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि जिन लोगों में कुष्ठ रोग के शुरुआती संकेत पाए जाएंगे, उन्हें तुरंत मल्टी ड्रग थेरेपी (MDT) उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य मरीजों को सही समय पर स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाना और उनका पूरा इलाज सुनिश्चित करना भी है। इसके लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को सक्रिय किया गया है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में पूरी तरह सहयोग करें और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सही जानकारी देने में मदद करें। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही इस बीमारी को खत्म करने का सबसे प्रभावी तरीका है। यदि लोग समय पर जानकारी देंगे और जांच कराएंगे, तो कुष्ठ रोग को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है ताकि वे घर-घर जाकर लोगों से संवाद कर सकें और संदिग्ध मामलों की पहचान कर सकें। इस दौरान लोगों को बीमारी के लक्षणों, रोकथाम और इलाज के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। अभियान के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में टीमें सक्रिय हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी संभावित मरीज जांच से वंचित न रहे और सभी को समय पर उपचार मिल सके। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के जरिए जिले में कुष्ठ रोग के मामलों की वास्तविक स्थिति का आकलन भी किया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि सरकार की मंशा है कि सारंगढ़ बिलाईगढ़ को कुष्ठ मुक्त जिला बनाया जाए और इसके लिए सामुदायिक भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न समझें, बल्कि इसे एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं। स्थानीय प्रशासन ने भी सभी पंचायतों और नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि वे स्वास्थ्य विभाग की टीमों को पूरा सहयोग दें। साथ ही जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। यह अभियान आने वाले दिनों में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और जागरूकता को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि नागरिकों के सहयोग से इस अभियान को सफल बनाया जा सकेगा और जिले को कुष्ठ मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।